दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने अपनी नौकरी से वीआरएस (स्वैच्छिक रिटायरमेंट) ले लिया है। सुनीता भारतीय राजस्व सेवा में कार्यरत थी। इस समय उनकी तैनाती दिल्ली में आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण में बतौर आयकर आयुक्त नियुक्त थी। सुनीता 1993 बैच की आईआरएस अधिकारी हैं। उन्होंने आयकर विभाग में 22 वर्षों तक काम किया। Also Read - दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बनेंगी 10 हजार से ज्यादा नई कक्षाएं: मनीष सिसोदिया

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उन्होंने कई महीने पहले वीआरएस के लिए आवेदन किया था जिसपर सीबीडीटी ने फैसला लिया है। सीबीडीटी ने एक आदेश जारी कर उनके स्वैच्छिक रिटायरमेंट की पुष्टि की। यह आदेश 15 जुलाई से प्रभावी हो जाएगा। सीबीडीटी ने अपने आदेश में कहा कि सुनीता को पेंशन लाभ मिलेगा क्योंकि उन्होंने 20 वर्ष से अधिक तक विभाग की सेवा की है।

स्वैच्छिक रिटायरमेंट में क्या हो सकती है वजह

सुनीता केजरीवाल पिछले 22 वर्षों से बतौर अधिकारी आयकर विभाग में काम कर रही थी। अब संभवतः वह अपने परिवार और बच्चों पर अधिक ध्यान देना चाहती हैं। कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि आम आदमी पार्टी के राजनीतिक विस्तार में भी वे अपना सहयोग देना चाहती हैं इसलिए उन्होंने रिटायरमेंट ले लिया। अगर आम आदमी पार्टी पंजाब चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करती है तो सुनीता को किसी एक राज्य में अहम जिम्मेदारी भी मिल सकती है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि उन्हें इस बात की चिंता सता रही थी कि वर्तमान दिल्ली की आप सरकार और केंद्र के बीच मची खींचा-तान में कहीं उन्हें प्रभावित न होना पड़े।

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KEJARIWAL SUNITA

अरविंद और सुनीता ने किया था प्रेम विवाह

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और सुनीता केजरीवाल ने प्रेम विवाह किया था। दरअसल, सुनीता 1993 बैच की आईआरएस अधिकारी हैं और केजरीवाल 1995 बैच के। दोनों की भोपाल मे प्रशिक्षण के दौरान मुलाकात हुई और प्रेम हो गया। इसके बाद दोनों ने विवाह कर लिया। अरविंद केजरीवाल अपनी आईआरएस की सेवा छोड़कर समाज सेवा में लग गये। फिर उन्होंने अन्ना के जनआंदोलन को खड़ा किया। बाद में पार्टी बनाकर भारी मतों से विजयी हुई और दिल्ली के मुख्यमंत्री बने।