तमिलनाडु में जल्लीकट्टू पर हो रहे विरोध पर अब सियासत और तेज हो गई है। एमआईएम नेता असदउद्दीन ओवैसी ने जल्लीकट्टू के बहाने समान नागरिक आचार संहिता के पैरोकारों पर हमला बोला है। ओवैसी ने कहा है कि देश की जनता पर कोई कानून जबरन नहीं थोपा जा सकता।

ओवैसी ने शुक्रवार सुबह एक ट्वीट कर कहा कि जल्लीकट्टू पर हो रही प्रतिक्रिया से हिंदुत्ववादी ताकतों को सीख लेने के जरुरत है। पूरे देश में एक जैसी संस्कृति नहीं हो सकती।

आपको बता दें कि जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध लगाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ तमिलनाडु में उग्र प्रदर्शन हो रहा है। इस मुद्दे पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेलवम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर चुके हैं।

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असदुद्दीन के बयान पर बीजेपी नेता नलिन कोहली ने कहा कि जल्लीकट्टू और यूनिफॉर्म सिविल कोड को साथ नहीं देख सकते हैं। यूनिफॉर्म सिविल कोड इंसानों के अधिकारों की बात है, तो क्या आप उसे जानवरों के साथ जोड़ने वाले हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा है औवेसी ने जल्लीकट्टू को यूनिफॉर्म सिविल कोड से जबरदस्ती कैसे जोड़ा? जल्लीकट्टू का इससे कोई लेना-देना नहीं है. औवेसी धर्म आधारित राजनीति करते हैं।