नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने रामनवमी जुलूस के दौरान आसनसोल- रानीगंज में हिंसा के शिकार लोगों की ‘स्वतंत्रता और गरिमा की रक्षा करने में’ कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कथित विफलता को लेकर सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार और राज्य के पुलिस प्रमुख को एक नोटिस भेजा है.Also Read - NHRC Foundation Day: PM Modi ने कहा- मानवाधिकारों के नाम पर कुछ लोग खराब करते हैं देश की छवि

वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि एनएचआरसी ने स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस भेजकर उनसे चार सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. Also Read - West Bengal By Election 2021: तीन सीटों पर 30 सितंबर को डाले जाएंगे वोट, सार्वजनिक अवकाश घोषित

एनएचआरसी ने एक बयान में अपने महानिदेशक (अन्वेषण) को एसएसपी या उससे उपर के स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम का गठन करने के लिए भी कहा है. एनएचआरसी ने कहा है कि यह टीम आसनसोल-रानीगंज के हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में मौके पर जाकर जांच करे या वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए जांच करे और तीन सप्ताह के भीतर एक रिपोर्ट सौंपे. उल्लेखनीय है कि आसनसोल-रानीगंज में रामनवमी समारोह के दौरान दो समूहों में हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. हिंसा में दो पुलिस अधिकारी घायल हो गये थे. (इनपुट-भाषा) Also Read - किसानों के आंदोलन पर केंद्र और राज्य सरकारों को NHRC ने दिया नोटिस, ये है वजह