जोधपुर| अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा आसाराम को फर्जी बाबा घोषित करने से जुड़े एक पत्रकार के सवाल से नाराज होकर आसाराम ने खुद के लिए कहा कि वह गधे की श्रेणी में आता है. Also Read - सूत्रों ने किया खुलासा- हरियाणा सरकार ने गुपचुप तरीके से राम रहीम को दी थी एक दिन की पैरोल

नाबालिग लड़की के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में यहां अदालत की सुनवाई का सामना कर रहे आसाराम को जब अदालत परिसर लाया गया तो उससे परिषद के फैसले पर प्रतिक्रिया मांगी गई. Also Read - धर्म गुरुओं की पोल खोलती है प्रकाश झा की 'आश्रम', बॉबी देओल का दिखेगा अलग अवतार

पत्रकार ने पूछा चूंकि अखाड़ा परिषद ने साफ कर दिया है कि आसाराम न तो संत और न ही प्रवचनकर्ता हैं तो वह किस श्रेणी में आते हैं. इसका जवाब देते हुए आशाराम ने कहा कि गधे की श्रेणी में. Also Read - गुरमीत राम रहीम की करीबी हनीप्रीत जेल से छूटने के बाद पहुंची डेरा सच्‍चा सौदा

दरअसल स्वयंभू बाबाओं को लेकर पिछले कुछ समय से पैदा हो रहे विवाद के बीच अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने हाल ही में 14 फर्जी बाबाओं की एक सूची जारी कर परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की अध्यक्षता में सभी 13 अखाड़ों के प्रमुखों ने उन स्वंयभू बाबाओं पर कार्रवाई की मांग की जो किसी संप्रदाय या परंपरा से संबद्ध नहीं हैं.

परिषद की सूची में शामिल नाम
परिषद की इस सूची में गुरमीत राम रहीम सिंह, रामपाल, आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं आदि के नाम शामिल हैं. अखाड़ा परिषद ने यह सूची ऐसे समय में जारी की है जब हाल ही में हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सीबीआई अदालत ने दो साध्वियों से बलात्कार का दोषी करार देते हुए 20 वर्ष जेल की सजा सुनाई है.

आसाराम यौन उत्पीड़न के एक मामले में जेल में बंद है जबकि उसके बेटे नारायण साईं पर भी इसी तरह का मामला दर्ज है लेकिन फिलहाल वह जमानत पर है. रामपाल भी सलाखों के पीछे है और हिंसा से जुड़े कुछ मामलों में मुकदमे का सामना कर रहा है.
(भाषा इनपुट)