नई दिल्ली: निर्भया मामले के चारों दोषियों की मौत की सजा का रास्ता लगभग साफ हो गया है. शुक्रवार को तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने दिल्ली की अदालत से मौत की सजा पर अमल का फरमान (डेथ वॉरंट) फिर से जारी करने की शुक्रवार को मांग की.

इस बीच मीडिया में खबरें आईं कि निर्भया की मां आशा देवी दिल्ली में कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं. हालांकि अब इस मामले में निर्भया की मां ने चुप्पी तोड़ी है. साथ ही उन्होंने साफ कर दिया है कि वे कोई चुनाव नहीं लड़ रही हैं और केवल अपनी बेटी के लिए इंसाफ मिलने का इंतजार कर रही हैं.

खबरें आईं थीं कि अगले महीने होने वाले दिल्ली विधानसभा के चुनाव में आशा देवी कांग्रेस के टिकट पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं. हालांकि इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए आशा देवी ने कहा, “मुझे राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है. मैंने कांग्रेस में किसी से बात नहीं की है. मैं केवल अपनी बेटी के लिए न्याय और दोषियों को फांसी दिलाना चाहती हूं.”


बता दें कि निर्भया मामले में लोक अभियोजक इरफान अहमद ने अदालत को बताया कि मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को अस्वीकार कर दी है. अदालत मामले में मौत की सजा पाए मुकेश कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. इसमें उसने फांसी देने के लिए तय 22 जनवरी की तारीख टालने का अनुरोध किया था. पराचिकित्सा की 23 वर्षीय छात्रा के साथ 16 दिसंबर 2012 में बर्बर सामूहिक बलात्कार की घटना हुई थी. छात्रा की 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के अस्पताल में मौत हो गई थी.