नई दिल्ली/जयपुर. राजस्थान में एक तरफ कांग्रेस सत्ता में वापसी की कोशिश में लगी है तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के चेहरे पर भी चर्चा जारी है. पहले अशोक गहलोत और सचिन पायलट में मुख्यमंत्री कौन होगा इस पर कयास लगाए जा रहे थे. लेकिन अब अशोक गहलोत के एक बयान ने पूरा समीकरण बदल दिया है. गहलोत ने प्रचार के दौरान कहा कि पहले तो दो ही दावेदार थे, लेकिन अब पांच हो गए हैं. इसके बाद से राज्य में तरह-तरह की चर्चा होने लगी है.

अशोक गहलोत जोधपुर के केकड़ी विधानसभा में प्रचार करने पहुंचे थे. इस दौरान एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पहले तो दो ही उम्मीदवार थे, लेकिन अब पांच हो गए हैं. सबसे पहले उन्होंने अजमेर से सांसद रघु शर्मा का जिक्र करते हुए कहा कि वह चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हैं. कई बार देखा जाता है कि इस पद की जिम्मेदारी निभा रहा शख्स मुख्यमंत्री बन जाता है. इतना ही नहीं, उन्होंने इसके बाद कहा कि सीपी जोशी, गिरिजा व्यास, लालचंद कटारिया, और रामेश्वर डूडी भी मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में है.

गहलोत के महासचिव बनने के बाद पायलट की है चर्चा
बता दें कि अशोक गहलतो के राष्ट्रीय महासचिव और सांगठनिक मामलों का इंचार्ज बनने के बाद से कहा जा रहा था कि वह अब राजस्थान की राजनीति से आगे निकल गए हैं. वह अब केंद्र की राजनीति में ही रहेंगे. ऐसे में सचिन पायलट को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर देखा जा रहा था. कई सर्व में यह बात निकल कर आई कि सचिन पायलट लोगों की पसंद के तौर पर देखे जा रहे हैं. लेकिन अब गहलोत के इस बयान ने एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है.

बेटे पर गहलोत ने ये कहा
बता दें कि नामांकन भरने के बाद गहलोत दो दिनों से जोधपुर में ही रुके हुए हैं और वह कई विधानसभा में लगातार प्रचार कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने अपने बेटे वैभव गहलोत के सवाल पर कहा कि वह चाहते हैं कि वैभव अपने बल पर राजनीति में कुछ पाएं. उन्होंने युवक कांग्रेस के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि कैसे उन्होंने वैभव को चुनाव लड़ने से रोका.