नई दिल्ली: असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के दूसरे और अंतिम मसौदा को सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जारी कर दिया गया. कुल 3.29 करोड़ आवेदन में 2.89 करोड़ लोगों के नाम नेशनल रजिस्टर में शामिल किए गए हैं. वहीं 40 लाख लोगों का नाम ड्राफ्ट में नहीं है. हालांकि यह फाइनल लिस्ट नहीं है ड्राफ्ट है. जिनका नाम इसमें शामिल नहीं है वह इसके लिए दावा कर सकते हैं. एनआरसी में उन सभी भारतीय नागरिकों के नाम, पते और फोटोग्राफ हैं जो 25 मार्च, 1971 से पहले से असम में रह रहे हैं. पहली लिस्ट में 1.9 करोड़ लोगों को वैध नागरिक के रूप में मान्यता दी गई थी. Also Read - दिल्ली दंगा: पुलिस चार्जशीट में येचुरी, योगेंद्र यादव के नाम सह-षडयंत्रकर्ता के रूप में दर्ज, प्रदर्शनकारियों को भड़काने का आरोप

यह आंकड़े एनआरसी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जारी किए हैं. एनआरसी का कहना है कि यह सिर्फ मसौदा है, अंतिम सूची नहीं है. एनआरसी के रजिस्‍ट्रार जनरल शैलेश ने जानकारी दी है कि जिन लोगों का नाम पहले मसौदे में था और अंतिम मसौदे से गायब है, उन्‍हें एनआरसी की ओर से व्‍यक्तिगत पत्र भेजा जाएगा. इसके जरिये वह अपना दावा पेश कर सकेंगे. Also Read - कोरोनावायरसः पुलिस ने खाली कराया शाहीन बाग, सौ दिन से चल रहा था CAA के खिलाफ प्रोटेस्ट

ज्‍वाइंट सेक्रेटरी सत्‍येंद्र गर्ग ने कहा है कि इस मसौदे के आधार पर विदेशी ट्रिब्‍यूनल और लोगों को हिरासत में लेने से संबंधित कोई सवाल नहीं है. मसौदा में जिनके नाम उपलब्ध नहीं हैं उनके दावों की पर्याप्त गुंजाइश है. अगर वास्तविक नागरिकों के नाम दस्तावेज में मौजूद नहीं हैं तो वे घबराएं नहीं. बल्कि उन्हें (महिला/पुरुष) संबंधित सेवा केन्द्रों में निर्दिष्ट फॉर्म भरना होगा.

ये फॉर्म सात अगस्त से 28 सितंबर के बीच उपलब्ध होंगे और अधिकारियों को उन्हें इसका कारण बताना होगा कि मसौदा में उनके नाम क्यों छूटे. इसके बाद अगले कदम के तहत उन्हें अपने दावे को दर्ज कराने के लिए अन्य निर्दिष्ट फॉर्म भरना होगा, जो 30 अगस्त से 28 सितंबर तक उपलब्ध रहेगा. आवेदक अपने नामों को निर्दिष्ट एनआरसी सेवा केन्द्र जाकर 30 जुलाई से 28 सितंबर तक सभी कामकाजी दिनों में सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक देख सकते हैं. एनआरसी उच्चतम न्यायालय की निगरानी में अपडेट किया जा रहा है.