Assam Assembly Elections 2021: असम में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसके लिए बीजेपी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. सत्तारूढ़ भाजपा और उसके सहयोगियों- एजीपी, यूपीपीएल और जीएसपी के बीच असम विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे की व्यवस्था को दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में अंतिम रूप दिया जाएगा. पार्टी के वरिष्ठ नेता व मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस आशय की जानकारी दी. पिछले साल दिसंबर में बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल के चुनावों के बाद भाजपा ने अपने पुराने सहयोगी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) को दरकिनार कर एजीपी, युनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) और गण सुरक्षा पार्टी (जीएसपी) के साथ गठबंधन किया था. Also Read - West Bengal Polls: PM मोदी का ममता बनर्जी पर हमला, 'बंगाल में गवर्नेंस के नाम पर दीदी ने किया बड़ा गड़बड़झाला'

भाजपा समर्थित क्षेत्रीय निकाय नॉर्थईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (एनईडीए) के संयोजक सरमा ने कहा कि सीट-बंटवारे के बारे में प्रमुख मुद्दों पर एजीपी, यूपीपीएल और जीएसपी के साथ सहमति हुई है और शेष मुद्दों पर दिल्ली की बैठक में चर्चा की जाएगी. सरमा के अलावा, असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पार्टी के अन्य नेता बुधवार और गुरुवार को होने वाली बैठकों में भाग लेंगे. Also Read - Cooch Behar Firing: ममता बनर्जी ने CRPF पर लगाया फा‍यरिंग का आरोप, केंद्रीय बल ने साफ कहा- घटना से हमारा कोई संबंध नहीं

भाजपा ने असम गण परिषद (एजीपी) और बीपीएफ के साथ गठबंधन में 2016 में पिछला विधानसभा चुनाव लड़ा था और 60 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर सत्ता में आई थी. जबकि, उसके सहयोगी दल एजीपी और बीपीएफ ने क्रमश: 14 और 12 सीटें जीती थीं. सत्तारूढ़ गठबंधन को एक निर्दलीय विधायक का समर्थन प्राप्त है. भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने पिछले विधानसभा चुनावों (2016) में डेढ़ दशक (2001-2016) से सत्ता पर काबिज कांग्रेस को परास्त किया था. कांग्रेस का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई कर रहे थे, जिनका पिछले साल निधन हो गया. Also Read - Assam Elections 2021: तीन सीटों के 4 पोलिंग स्टेशनों पर दोबारा होगी वोटिंग, ECI ने की तारीख की घोषणा

सत्तारूढ़ भाजपा और उसके नए सहयोगी यूपीपीएल और जीएसपी ने पिछले वर्ष दिसंबर में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 40 सदस्यीय बीटीसी के चुनावों के बाद सत्ता में आए थे. रविवार को सत्तारूढ़ भाजपा के साथ संबंध तोड़ने के एक दिन बाद बीपीएफ कांग्रेस के नेतृत्व वाले सात पार्टी के महागठबंधन में शामिल हो गया.