Assam Boat Accident Update News: अभी तक एक मौत हुई है, लेकिन दो लोग अब भी लापता हैं. यह जानकारी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने दी है. जोरहाट जिले में ब्रह्मपुत्र नदी में हुई नौका दुर्घटना मामले में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने आज बृहस्पतिवार को पुलिस को आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश दिए. असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने जोरहाट में ब्रम्हापुत्र नदी पर हुई नाव दुर्घटना के बाद दुर्घटना स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया. उन्होंने बताया, “90 में से 87 लोगों की पहचान हो गई है, वे अस्पताल में या घर पर सही सलामत हैं. अभी तक 1 मौत हुई है. 2 लोग लापता हैं. सर्च ऑपरेशन जारी है.”Also Read - Rajya Sabha by-Polls: BJP ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, एल मुरुगन को इन राज्‍यों से उम्मीदवार किया घोषित

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, जोरहाट और माजुली को जोड़ने वाला एक पुल निर्माणाधीन है. मंत्रियों का एक समूह इसकी प्रगति की समीक्षा करेगा. इस दुर्घटना के मामले में अंतर्देशीय जल परिवहन विभाग के 3 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. Also Read - शॉर्ट्स पहनकर NEET परीक्षा देने पहुंची लड़की से बोला निरीक्षक- नहीं देने देंगे एग्जाम; पर्दे से पैरों को ढककर दी परीक्षा

जोरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की अधीक्षक पूर्णिमा बरुआ ने बताया कि 11 यात्रियों को भर्ती कराया गया, जिनमें से एक की मौत हो गई और तीन को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. उन्होंने कहा, ”सात लोगों का अब भी इलाज चल रहा है, इनमें से किसी की भी हालत गंभीर नहीं है. इन लोगों को चोटें कम आई हैं, सदमा ज्यादा लगा है.’ Also Read - RSS पर विवादित बयान देने पर राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए विचार कर रहे हैं: MP के गृह मंत्री

बता दें कि असम के जोरहाट जिले में बुधवार को माजुली जा रही एक निजी नौका निमती घाट के पास एक सरकारी नौका से टकराने के बाद डूब गई. इस घटना में एक व्यक्ति के मारे जाने की पुष्टि हुई है और दो लोग लापता हैं. वहीं, आईडब्ल्यूटी के तीन अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है. घटना के वक्त निमती घाट पर आईडब्ल्यूटी के 72 कर्मचारी मौजूद थे.

नौका का मलबा ब्रह्मपुत्र नदी में करीब 1.5 किलोमीटर की दूरी पर मिला
जोरहाट के उपायुक्त अशोक बर्मन ने बताया कि नौका का मलबा ब्रह्मपुत्र नदी में करीब 1.5 किलोमीटर की दूरी पर मिला. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के जवानों ने उल्टी पड़ी नौका के तल को काटा, लेकिन उसके अंदर कोई नहीं था. उपायुक्त अशोक बर्मन ने बताया, ”अब तक एक व्यक्ति की मौत होने की पुष्टि हुई है और दो लोग लापता हैं. जोरहाट और माजुली जिले के विभिन्न गांवों में 84 लोगों से हम संपर्क कर पाए हैं, इससे नौका पर 87 लोगों के सवार होने की जानकारी मिलती है.

वायुसेना भी हवाई सर्वेक्षण करेगी
जोरहाट के पुलिस अधीक्षक अंकुर जैन ने कहा कि दुर्घटना के बाद लापता हुए दोनों लोग जोरहाट और लखीमपुर जिलों से थे. इनकी तलाश में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के गोताखोर लगे हुए हैं और सेना भी सहयोग कर रही है. उन्होंने कहा,” गोताखोर बृहस्पतिवार सुबह भी नौका के अंदर गए और उन्हें वहां कोई शव नहीं मिला. सेना के गोताखोरों ने भी क्षेत्र में तलाश की. लापता लोगों की तलाश में वायु सेना हवाई सर्वेक्षण करेगी.

सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने आपराधिक केस दर्ज करने के आदेश दिए, उच्च स्तरीय जांच होगी
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने जोरहाट जिले में ब्रह्मपुत्र नदी में हुई नौका दुर्घटना मामले में पुलिस को बृहस्पतिवार को आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग लापता हैं. उन्होंने कहा, ”मैंने जोरहाट पुलिस को दुर्घटना के संबंध में आपराधिक मामला दर्ज करने को कहा है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए हम आज शाम तक उच्च स्तरीय जांच की घोषणा करेंगे.

एकल इंजन वाली सभी नौकाओं पर तत्‍काल प्रभाव से रोक
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने एकल इंजन वाली सभी नौकाओं के माजुली तक चलने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. सीएम ने कहा- कहा, ”आज से एकल इंजन वाली सभी नौकाओं के संचालन पर रोक लगाई जाती है. ये इंजन समुद्री इंजन नहीं हैं. अगर कोई नौका मालिक इसे समुद्री इंजन में रूपांतरित करना चाहता है तो हम उसकी सहायता करेंगे.”

जोरहाट और माजुली के बीच प्रस्तावित पुल का निर्माण नवंबर 2021 से शुरू हो जाएगा
सीएम ने घोषणा की कि जोरहाट और माजुली के बीच प्रस्तावित पुल का निर्माण नवंबर 2021 से शुरू हो जाएगा और इसे चार साल के अंदर पूरा किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि एकल इंजन वाली दस निजी मशीनीकृत नौकाएं हैं, जो जोरहाट के निमती घाट से ब्रह्मपुत्र के दक्षिणी तट में सबसे बड़े नदी द्वीप माजुली के बीच चलती हैं.

निजी नौकाओं के मालिकों को समुद्री इंजन के लिए सरकार तत्काल सहायता मुहैया कराएगी
सीएम ने बताया कि समुद्री इंजन की कीमत करीब दस लाख रुपए है, जो आवेदन मिलने पर निजी नौकाओं के मालिकों को सरकार तत्काल मुहैया कराएगी. सरमा ने कहा, ”कुल कीमत की 75 प्रतिशत सब्सिडी होगी और 25 प्रतिशत ऋण के तौर पर दिया जाएगा. वे माजुली के उपायुक्त कार्यालय में आज से ही आवेदन देना शुरू कर सकते हैं.” जोरहाट और माजुली के बीच काफी समय से लंबित पुल के बारे में बात करते हुए सरमा ने कहा कि यह एक ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) अनुबंध था और संरचना का नक्शा केंद्र सरकार को सौंपा गया है.

भर्ती कराए यात्र‍ियों में से एक महिला की मौत
जोरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की अधीक्षक पूर्णिमा बरुआ ने बताया कि 11 यात्रियों को भर्ती कराया गया, जिनमें से एक की मौत हो गई और तीन को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. उन्होंने कहा, ”सात लोगों का अब भी इलाज चल रहा है, इनमें से किसी की भी हालत गंभीर नहीं है. इन लोगों को चोटें कम आई हैं, सदमा ज्यादा लगा है.” मृतक की शिनाख्त परिमिता दास के तौर पर की गई है. वह गुवाहाटी से थीं और माजुली में रंगाछाही कॉलेज में शिक्षिका थीं. अंतर्देशीय जल परिवहन (आईडब्ल्यूटी) विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टक्कर तब हुई, जब निजी नाव ‘मा कमला’निमती घाट से माजुली की ओर जा रही थी और सरकारी स्वामित्व वाली नौका ‘एम बी तिपकाई’ माजुली से आ रही थी.

परिवहन मंत्री चंद्र मोहन पटवारी तड़के तीन बजे घटनास्थल पहुंचे
परिवहन मंत्री चंद्र मोहन पटवारी तड़के तीन बजे घटनास्थल पहुंचे. उन्होंने कहा कि परिवहन सचिव जादव सैकिया मामले की जांच करेंगे. वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दुर्घटनास्थल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि शुरुआती जांच में दुर्घटना का प्रमुख कारण “कुप्रबंधन बताया गया है. यह दुर्घटना बुधवार शाम को हुई थी.

तीन अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका
परिवहन मंत्री ने कहा, ”आईडब्ल्यूटी के तीन अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है. घटना के वक्त निमती घाट पर आईडब्ल्यूटी के 72 कर्मचारी मौजूद थे. जब एक नौका तेज गति से आ रही थी तो अन्य नौका को जाने क्यों दिया गया? हमारे कर्मचारियों की भी कुछ गलती रही होगी.” पटवारी के साथ, राज्य के मंत्री बिमल बोरा और जोगेन मोहन भी तलाश और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए घटनास्थल पर ही हैं. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा भी निमती घाट पहुंचे और हालात का जायजा लेने के लिए उन्होंने नौका से यात्रा भी की.