रंगिया (असम): संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों को लेकर निराशा प्रकट करते हुए असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने रविवार को कहा कि वह राज्य के लोगों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाली कोई चीज नहीं करेंगे. कामरूप जिले के सुआलकुची में एक रैली में भाजपा समर्थकों को संबोधित करते हुए सोनोवाल ने कहा कि लोगों को नागरिकता कानून के संबंध में उनके और सरकार के खिलाफ गुमराह किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं लोगों का अचानक आक्रोश भड़कते देख चकित हूं, वो भी जमीनी हकीकत जाने बिना. ये आक्रोश खासकर सीएए और इसके प्रावधनों के संबंध में मिथ्या तथ्यों और आंकड़ों पर आधारित हैं.’’Also Read - मिजोरम सरकार ने कहा- हम असम के सीएम के खिलाफ दायर मुकदमा वापस लेने को तैयार हैं

उन्होंने कहा, ‘‘हम लोगों की भावनाओं के खिलाफ कुछ भी नहीं करेंगे. हमने हमेशा ये आश्वासन दिया है और इसके प्रति कटिबद्ध हैं.’’ सोनोवाल ने दावा किया कि लोग अकारण ही भाजपा कार्यकर्ताओं, नेताओं और सरकारी कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हम समझ नहीं पा रहे हैं कोई गलती नहीं होने के बावजूद हमारी सरकार, भाजपा कार्यकर्ताओं, गांव के पंचायत सदस्यों, सांसदों, मंत्रियों और विधायकों के खिलाफ लोगों में इतना गुस्सा क्यों है . लोगों को गुमराह किया गया है.’’ Also Read - असम-मिजोरम सीमा विवाद: अमित शाह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की बात, जानिए क्या निकला नतीजा

सोनोवाल ने कहा कि हालिया समय में लोगों के कदम से उन्हें और उनके सहयोगियों को निराशा हुई है क्योंकि ‘‘राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए काम करने के वास्ते हममें आस्था जताने वाले हमारे लाखों लोगों की भावनाओं के खिलाफ काम करने का हमारी सरकार का कोई इरादा नहीं है.’’ इस अवसर पर असम के वित्त मंत्री हिमंत बिस्व शर्मा ने राज्य की मौजूदा स्थिति के लिए विपक्षी कांग्रेस की आलोचना की. Also Read - असम और मिजोरम सरकार के साथ लगातार संपर्क में गृह मंत्रालय, जानिए मामले में अब तक क्या हुआ

(इनपुट भाषा)