गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री सर्बांनंद सोनोवाल ने राज्य के लोगों से एक वीडियो अपील में बृहस्पतिवार को कहा कि उन्हें नागरिकता संशोधन विधेयक के बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि असम समझौते की धारा छह की भावना के अनुरूप उनकी राजनीतिक, भाषाई, सांस्‍कृतिक और भूमि अधिकारों की रक्षा की जायेगी.Also Read - Mobile Phone यूजर ध्‍यान दें DTO के नए आदेश पर, जान लें क्‍या बंद हो सकता है आपका सिम?

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सोनोवाल ने कहा कि कुछ लोग स्थिति को खराब करने और लोगों को गुमराह करने के लिए भ्रामक जानकारी फैलाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बिप्लब सरमा की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है जिसे असम के लोगों के संवैधानिक हितों को सुनिश्चित करने के वास्ते सिफारिशें तैयार करने का काम दिया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र ने स्पष्ट रूप से कहा है कि समिति की धारा 6 की सिफारिशों को एक समय सीमा के भीतर पूरी तरह से लागू किया जायेगा. Also Read - देशभर में छठ पर्व की धूम: बिहार, दिल्‍ली, यूपी समेत देश के कई राज्‍यों में डूबते सूरज को दिया गया अर्घ्य

असम के लोगों को पूरी सुरक्षा मिलेगी: सोनोवाल
उन्होंने कहा कि समिति अपना काम पूरा करेगी और जल्द ही केन्द्र को अपनी सिफारिशें सौंपेगी और इन सिफारिशों को सौंपे जाने के बाद जल्द से जल्द इन्हें लागू किया जायेगा. मेरा विश्वास है कि असम के लोगों को पूरी सुरक्षा मिलेगी. सोनोवाल ने समाज के सभी वर्गों से आगे आने और शांति का माहौल बनाने की अपील की. गौरतलब है कि असम में इस विवादास्पद विधेयक के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और हिंसा हो रही है जिस कारण शहर और डिब्रूगढ़ में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाना पड़ा.