नई दिल्ली: असम में अंतिम राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को ऑनलाइन जारी कर दिया गया है. अंतिम एनआरसी में 3.11 करोड़ आवेदकों के नाम शामिल हैं, जबकि 19.07 लाख लोग इससे बाहर हैं. आवेदन रसीद संख्या (एआरएन) का इस्तेमाल कर लोग अपने नाम ऑनलाइन देख सकते हैं.

असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम सूची जारी कर दी गई है और एहतियातन राज्य में धारा 144 भी लागू कर दी गई है. एनआरसी कार्यालय ने बताया कि असम की राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम सूची शनिवार को जारी कर दी गई, जिसमें से लगभग 19 लाख लोगों के निकाल दिया गया. अंतिम सूची से 19,06,677 लोग निकाले गए हैं. सूची में 3,11,21,004 लोगों को भारतीय नागरिक बताया गया है.

नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स क्या है?
नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स किसी राज्य में रह रहे लोगों का एक वैध रिकॉर्ड है. साल 1951 में पहली बार इसे तैयार किया गया था. इसका उद्देश्य नागरिकों की गणना करना और उनके घरों के साथ-साथ अचल संपत्तियों का ब्यौरा रखना था. उदाहण के तौर पर नाम, उम्र, पिता का नाम, पति का नाम, क्षेत्र, घर और अन्य जरूरी चीजें. यह पूरा डेटा साल 1951 की जनगणना के मुताबिक तैयार हुआ.

असम में एनआरसी को अपडेट करने की क्यों जरूरत पड़ी?
साल 1951 में एनआरसी के डेटा के बाद असम में लोगों के आने वाले की संख्या तेजी से बढ़ रही थी. बताया जा रहा कि साल 1971 में जब तक बांग्लादेश पाकिस्तान से अलग नहीं हो गया तब तक पूर्वी पाकिस्तान से भारी मात्रा में लोग असम की सीमा में प्रवेश किए. साल 1972 में बांग्लादेश की आजादी के बाद भी यह संख्या बढ़ती रही. ऐसे में वहां वर्षों से रह रहे लोगों और घुसपैठ करके आए लोगों में विवाद शुरू हो गया. विवाद बढ़ता देख असम के छात्र सक्रिय हो गए और ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन नाम से एक संगठन बनाकर इस घुसपैठ को रोकने के लिए प्रदर्शन शुरू कर दिया.

किस तरह से एनआरसी अपडेट हुआ?
लोगों को अपने विरासत (वंशज) कोड के साथ एक फॉर्म सबमिट करना था. इसमें एक पीएनआर टाइप का यूनिक कोड है, जो कि उनके खानदान या परिवार को लिंक करता है. इस विरासत डॉक्यूमेंट में 25 मार्च 1971 तक के चुनावी डेटा और 1951 एनआरसी के डेटा भी शामिल हैं. विरासत डॉक्यूमेंट के अलावा भी 12 तरह के दूसरे डॉक्यूमेंट जमा कराए गए.

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अपना नाम NRC में चेक कैसे करें?
इसके लिए एनआरसी के सेवा केंद्र में जाने के साथ-साथ एनआरसी की वेबसाइट पर भी देखा जा सकता है. इतना ही नहीं आप एसएमएस भी करके इसकी जानकारी ले सकते हैं. इसके लिए 24*7 टोल फ्री नंबर 15107 पर असम से कॉल कर सकते हैं. वहीं, असम के बाहर रहने वाले लोग 18003453762 पर कॉल करके जानकारी ले सकते हैं. इसके लिए 21 डिजिट का अप्लिकेशन रिसिप्ट नंबर (ARN) देना होगा.

ARN नंबर गुम होने पर क्या करें?
यदि किसी का एआरएन नंबर गुम हो गया है तो वह सीधे टोल फ्री नंबर 15107 पर कॉल कर सकता है. इस दौरान उसे परिवार के मुखिया का नाम और रजिस्ट्रेशन के समय दिया गया मोबाइल नंबर रखना होगा.