नई दिल्ली: असम इन दिनों बाढ़ की मार झेल रहा है. इस दौरान राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने ने बताया कि असम के 30 जिले अब बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं. इस कारण 55,59,797 प्रभावित हुए हैं. उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान सुरक्षित ले जाया गया है. वहीं बाढ़ की चपेट में आने से अबतक 87 लोगों कीम मौत हो चुकी है. बता दें बीते कल संयुक्त राष्ट्र संघ ने भारत की तरफ मदद का हाथ बढ़ाते हुए कहा था कि अगर भारत सरकार को जरूरत होगी तो संयुक्त राष्ट्र भारत की मदद के लिए तैयार है. Also Read - नेपाल ने UP को भेजा खतरे का अलर्ट, झील में आईं दरारें, शारदा नदी के क‍िनारे के 50 से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा

इस बाबत संयुक्त राष्ट्र महासंघ के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा था कि लाखों लोगों को असम में बाढ़ के कारण एक जगह से दूसरे जगह ले जाना पड़ा है. नेपाल में भी ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है, जो भारी बारिश के कारण पैदा हुआ है. डुजारिक ने कि अबतक 189 (नेपाल+असम) लोगों की बाढ़ के कारण मौत हो चुकी है. इसलिए संयुक्त राष्ट्र महासंघ ने फैसला किया है कि अगर भारत को जरूरत होगी तो हम मदद करने को तैयार है. Also Read - Uttarakhand Disaster: उत्तराखंड में क्यों आई त्रासदी? कहीं 'वॉटर पॉकेट के फटने का परिणाम तो नहीं'

बता दें कि असम में कई लाख लोगों को एक जगह से दूसरे जगह हटाया जा चुका है. भारी बारिश के कारण यहां काफी तबाही देखने को मिल रही है. जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. यही नहीं यहां के नेशनल पार्क भी लगभग 90 प्रतिशत तक डूब चुके हैं. बाढ़ के कारण इंसानों सहित मवेशियों और एक सिंगे गेडों की भी मौत हो चुकी है. अबतक 5 एक सिंगे गेंडे की मौत हुई है. हालांकि एनडीआरएफ की टीमें असम में तैनात हैं. बाढ़ से राहत बचाव का कार्य लगातार जारी है.