असम में लगातार हो रही बारिश से गुरुवार को बाढ़ के हालात और बिगड़ गए। जिसके कारण राज्य के 13 जिलों की करीब तीन लाख आबादी प्रभावित हुई। अगर यही हाल रहा तो आनेवाले समय में असम वाशियो की मुश्किलें और बढ़ सकती है।Also Read - Assam Flood: असम में तीसरी बार आई बाढ़, 7 जिलों के 2.71 लाख लोग प्रभावित

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार  जोरहाट, डिब्रूगढ़ जिलों के नेमतीघाट में ब्रह्मपुत्र नदी में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और अन्य अधिकतर जिलों में भी यह बढ़त बनाए हुए है। असम में इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की संख्या पांच बनी हुई है, जिनमें दो की सूचना लखीमपुर से और एक की सूचना बोंगईगांव, बक्सा और सोनितपुर से मिली है। Also Read - Assam Flood: असम में बाढ़ से बिगड़े हालात , 3.18 लाख लोग प्रभावित

सोनितपुर में जिया भारली नदी, कामरूप में पुथीमारी और बारपेटा में बेकी में यह लाल निशान से ऊपर बह रही है। राज्य के सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में धेमाजी, कोकराझार, चिरांग, लखीमपुर, बोंगईगांव, तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, शिवसागर, नलबाड़ी, सोनितपुर, बारपेटा, जोरहाट और ग्वालपाड़ा शामिल हैं। प्रभावित जिलों से सड़कों, तटबंधों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। Also Read - अक्षय कुमार ने असम के बाढ़ पीड़ितों के लिए दिए एक करोड़ रुपए, CM सोनोवाल ने यूं जताया आभार

गौरतलब है कि जून में बाढ़ के बारपेटा में 91,000 लोग प्रभावित हुए थे।  जो सबसे ज्यादा थी।  साथ ही इस दौरान रिपोर्ट में कहा गया है कि 10,800 हेक्टेयर से ज्यादा का फसल का क्षेत्र पानी में डूबा गया था। बाढ़ के कारण रेल यातायात पूरी तरह ठप हो चुका है। सड़के बह जाने के कारण लोग जस के तस फंसे हुए हैं। तटबंधों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है।