नई दिल्ली। असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है और इसकी जद में 24 जिलों के 17 लाख लोग आ गए हैं. अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि अब तक बाढ़ में 44 लोगों की मौत हो चुकी है. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अधिकारियों ने बताया कि अंतिम 24 घंटों में अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की मौत हुई है.

एएसडीएमए ने बताया कि बुधवार तक 17,18,135 लोग बाढ़ की जद में आ गए हैं. असम में 31 हजार लोगों के लिए 294 राहत शिविर लगाए गए हैं. राहत दलें राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं तथा अब तक 2 हजार से अधिक लोगों को बचाया गया है.

असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने बुधवार को बाढ़ग्रस्त माजुली जिले का दौरा किया और राहत शिविरों का जायजा लिया. भीषण बाढ़ के चलते 1,760 हेक्टेयर की फसल बर्बाद हो गई है और सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं.

सोनोवाल ने काजीरंगा अभयारण्य का भी दौरा किया और अधिकारियों को पशुओं पर नजर रखने का निर्देश दिया, ताकि वे शिकारियों का निशाना न बनें.

उन्होंने कहा कि नगांव, गोलाघाट, कार्बी आंगलोंग, सोनितपुर और बिस्वनाथ जिलों का प्रशासन बाढ़ के हालात के बारे में रोज वन मंत्री को रिपोर्ट करेगा और पशुओं की सुरक्षा के उपाय करेगा.

नड्डा ने राज्य सरकार को दिया मदद का आश्वासन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने बुधवार को बाढ़ की स्थिति का सामना कर रहे असम की मदद के लिए राज्य सरकार को पूरे सहयोग का आश्वासन दिया और साथ ही अपने मंत्रालय को राज्य के स्वास्थ्य विभाग से संपर्क में रहने का कहा है.

नड्डा ने ट्वीट किया, ‘स्वास्थ्य मंत्रालय से असम के स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क में रहने को कहा है. हम इस स्थिति में असम के भाइयों और बहनों के साथ हैं.’’ नड्डा ने राज्य में बाढ़ की स्थिति जानने के लिए असम के मुख्यमंत्री सरबानंद सोनोवाल से भी बात की. असम के 24 जिलों में करीब 17 लाख लोग अभी तक बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं.

एजेंसी इनपुट के साथ