गुवाहाटी: राष्ट्रीय नागरिक पंजी की अंतिम सूची से बाहर किये गए हिंदू बंगालियों की संख्या की जानकारी विधानसभा में पेश करने की भाजपा नेता हेमंत बिस्व सरमा द्वारा की घोषणा के दो दिन बाद असम सरकार ने शनिवार को कहा कि उनके पास इस सूची से बाहर किये गए लोगों के बारे में जानकारी नहीं है. विधानसभा में कांग्रेस विधायक नुरूल होदा के सवाल के लिखित जवाब में संसदीय मामलों के मंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी कार्यालय के समन्वयक ने राज्य सरकार से उन 19 लाख से अधिक लोगों की सूची साझा नहीं की है जिन्हे इससे बाहर रखा गया है.

गृह विभाग का प्रभार अपने पास रखने वाले मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की ओर से मंत्री ने कहा, ‘‘यही कारण है कि सरकार के पास इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. पटवारी ने कहा एनआरसी समन्वयक के कार्यालय से सूचना मिलने के बाद राज्य सरकार आवश्यक कदम उठाएगी. सरमा ने गुरूवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि असम सरकार विधानसभा के शीतकालीन सत्र में राष्ट्रीय नागरिक पंजी में शामिल नहीं किये गए हिंदू बंगालियों की जिलेवार सूची सदन में रखेगी.

वहीं, सरकार ने विधानसभा को जानकारी दी कि पूरे असम से करीब 1.6 लाख लोग अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए विदेशी न्यायाधिकरण में लड़ाई लड़ रहे हैं. एआईयूडीएफ के विधायक रफीक इस्लाम के सवाल के लिखित जवाब में पटवारी ने कहा कि इस साल 31 मई तक विदेशी न्यायाधिकरण में एक लाख 58 हजार 554 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किये गये हैं.

(इनपुट भाषा)