गुवाहाटी: असम की सरकार अब दुल्हनों को एक तोला सोना यानि लगभग 11.66 ग्राम सोना देगी. ये प्रावधान राज्य सरकार ने अपने बजट में किया है. इतना ही नहीं गरीब जनता के लिए एक रुपए किलों के भाव से चावल दिया जाएगा और अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों को आर्थिक सहायता भी दी जाएगी. राज्य वित्त मंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने बुधवार को राज्य का 2019-20 बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने 1,193 करोड़ रुपए के घाटे का बजट पेश करते हुए किसी नए कर का प्रस्ताव नहीं किया है. Also Read - JEE Mains घोटाला: फर्जी नाम से एग्ज़ाम देकर दूसरे स्टूडेंट को टॉपर बनवाने वाला अरेस्ट, ऐसे खेला था खेल

इसके साथ ही वित्त मंत्री ने गरीबों को एक रुपए किलो के मूल्य पर चावल देने और दुलहनों को एक तोला सोना देने का प्रस्ताव किया है. बजट में विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता का भी प्रस्ताव किया गया है. अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों को वित्तीय सहायता का प्रस्ताव है. सरकार ने समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभिभावकों को उनकी पुत्री की शादी पर एक तोला (11.66 ग्राम) सोना देने का भी प्रस्ताव किया है. Also Read - Gold Price Today: क्या अगले कुछ महीनों में 40 हजार रुपये तक पहुंच जाएगा सोना, नवंबर में 4000 रुपये से ज्यादा गिरे दाम, जानें ताजा भाव

सरमा ने कहा कि असम जैसे विशेष श्रेणी वाले राज्यों में 10 लाख रुपए तक के कारोबार वाली कंपनियों के लिए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत पंजीकरण कराना जरूरी है. लेकिन छोटे कारोबार और उनके छोटे आधार को देखते जुए सरकार ने जीएसटी के तहत पंजीकरण की सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया है. जीएसटी परिषद की मंजूरी के बाद इसे एक फरवरी से लागू किया गया है. Also Read - Aaj ka Sone ka Bhav 27 November 2020: सोना खरीदने में न करें जल्दबाजी, अभी और कम हो सकते हैं दाम, जानें आज का भाव

वित्त मंत्री ने सामान के आपूर्तिकर्ताओं के लिए जीएसटी के तहत पंजीकरण की सीमा को बढ़ाकर 40 लाख रुपए कर दिया है. हालांकि, सेवा आपूर्तिकर्ताओं के लिए यह सीमा 20 लाख रुपये ही रहेगी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत केंद्र सरकार असम में 57 लाख परिवारों को तीन रुपए किलो पर चावल उपलब्ध करा रही है. इसका लाभ राज्य की 2.46 करोड़ की आबादी को मिल रहा है.

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य के नागरिकों के लिए खाद्य सुरक्षा की स्थिति को और मजबूत करने के लिए हम गरीबों को तीन के बजाय एक रुपये किलो की दर पर चावल उपलब्ध कराएंगे. इसका लाभ 53 लाख परिवारों को मिलेगा.