गुवाहाटी: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का सिर्फ असम में ही नहीं, पूरे देश में विस्तार किया जाएगा. उन्होंने यह बयान एनआरसी से बाहर लोगों के दूसरे राज्यों में फैल जाने की चिंताओं के बीच दिया है. अमित शाह ने भाजपा की अगुवाई वाले नार्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस (एनईडीए) के चौथे सम्मेलन में सोमवार को गुवाहाटी में कहा, “असम के अवैध घुसपैठियों को न तो असम में रहने दिया जाएगा और न ही दूसरे राज्यों में जाने की अनुमति दी जाएगी.”

गृहमंत्री ने दोहराया कि भाजपा नागरिकता (संशोधन) विधेयक (सीएबी) लाने जा रही है, लेकिन उन्होंने भरोसा दिया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य है कि सीएबी के क्रियान्वयन से पूर्वोत्तर के राज्यों के मौजूदा विशेषाधिकारों पर असर नहीं हो. शाह ने कहा, “हम सीएबी लाने जा रहे हैं, लेकिन सरकार यह भी सुनिश्चित करने जा रही है कि मूल निवासियों की संस्कृति व पहचान सुरक्षित रहे.” शाह ने यह भी दोहराया कि अनुच्छेद 370 व 371 के बीच संख्या क्रम को छोड़कर कोई संबंध नहीं है और कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों के मौजूदा विशेषाधिकार वापस नहीं लिए जाएंगे. उन्होंने कहा, “अनुच्छेद 370 अस्थायी है, जबकि अनुच्छेद 371 विशेष प्रावधान है और पूर्वोत्तर के लोगों का अधिकार है.”

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एनईडीए सम्मेलन में पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों, क्षेत्र के लोकसभा सांसदों व राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने भाग लिया. अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों व दूसरे नेताओं द्वारा क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों को भी सुना. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सीमा पार से मादक पदार्थो की तस्करी, हथियारों की तस्करी और पूर्वोत्तर के राज्यों में मानव तस्करी को लेकर सख्त होने जा रही है और उन्होंने क्षेत्र के सभी राज्यों से इस संकट को खत्म करने के लिए एक-दूसरे से समन्वय करने की अपील की. उन्होंने एनईडीए के घटक दलों से आपसी फायदे के लिए मिलकर कार्य करने का आग्रह किया.