Assam News: असम सरकार ने सोमवार को विधानसभा को सूचित किया कि वर्ष 2020 में अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड और मिजोरम जैसे पड़ोसी राज्यों द्वारा भूमि अतिक्रमण की 56 घटनाओं का उसे सामना करना पड़ा. विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया के प्रश्न के लिखित उत्तर में संसदीय मामलों के मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने बताया कि इस साल एक जनवरी से 11 जिलों में भूमि अतिक्रमण की घटनाएं सामने आयी. Also Read - Magh Bihu 2021: माघ बिहू का पर्व आज, यहां जानें किस तरह मनाया जाता है यह त्योहार

मुख्यमंत्री सर्वांनद सोनोवाल की ओर से पटवारी ने बताया कि कछार से सबसे ज्यादा 17 मामले सामने आए जिसके कारण असम और मिजोरम के लोगों के बीच हिंसक झड़पें हुई. उन्होंने कहा कि कछार में झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गयी. Also Read - Atmanirbhar Bharat: इस राज्य सरकार का अनोखा कदम, राज्य कर्मियों को दिए जाएंगे मुफ्त में खादी के कपड़े

मंत्री ने कहा कि कछार के बाद वेस्ट कर्बी आंगलोंग और कामरूप जिलों से भूमि अतिक्रमण की सात घटनाएं सामने आई. उन्होंने कहा कि लखीमपुर (छह मामले),धेमाजी और कर्बी आंगलोंग (पांच-पांच मामले), जोरहाट (चार मामले), करीमगंज (दो) और सादिया, तिनसुकिया और शिवसागर से एक-एक मामला सामने आया. Also Read - बड़ा कदम: इस राज्य में स्कूल जाने वाली छात्राओं को हर दिन मिलेंगे 100 रुपये, जानें किन्हें होगा फायदा

उन्होंने कहा कि अतिक्रमण वाली जमीन को वापस लेने के लिए असम सरकार ने संबंधित राज्यों और केंद्र को कई पत्र लिखे हैं.

(इनपुट भाषा)