नई दिल्लीः लॉकडाउन के चलते देश के विभिन्न राज्यों में लोग फंसे हुए हैं और लगातार कोशिश कर रहे है किसी तरह वे अपने घर पहुंच जाएं. इस कोरोना संकट के बीच रविवार रात को कोटा से 391 छात्र अपने गृह राज्य असम पहुंच गए. सरकार पिछले कई दिनों से फंसे छात्रों को लाने की जद्दोजहद में जुटी हुई थी. घर पहुंचने की खुशी छात्रों के चेहरे पर साफ तौर पर देखी जा सकती थी. Also Read - Covid-19: SC ने जेलों में भीड़ कम करने के लिए कैदियों को रिहा करने का आदेश दिया

1850 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करने के बाद ये सभी छात्र असम पहुंचे. बस अड्डे पर इन छात्रों को प्रदेश सरकार के मंत्री हेमन्त बिस्वा शर्मा ने खुद रिसीव किया. कई छात्रों के परिवार वाले भी उन्हें रिसीव करने पहुंचे. छात्रों ने सरकार द्वारा उनके लिए उठाए गए इस कदम की सराहना की और सरकार को धन्यवाद भी कहा. Also Read - कोविड फैसिलिटी में भर्ती होने के लिए पॉजिटिव रिपोर्ट अनिवार्य नहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय नीति में किया बड़ा बदलाव

आपको बता दें कि इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल खुद इस पर लगातार नजर बनाए हुए थे और इसके लिए उन्होंने विशेष तौर पर कुछ आला अधिकारियों को छात्रों को वापस लाने के लिए कोटा भेजा था. राज्य सरकार ने छात्रों को लाने के लिए कई बसों का इंतजाम किया था. इसके साथ ही सरकार द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग के नियम को बनाए रखने के लिए भी कारगर कदम उठाए गए.

असम राज्य सरकार ने पहले राजस्थान सरकार से इस पूरे मुद्दे पर बात की थी और आपसी सहमति बनने के बाद ही असम से कोटा के लिए बसे रवाना की गईं. तमाम कोशिशों के बाद राज्य सरकार अपने छात्रों को लाने में सफल रही.