नई दिल्ली: क्रिकेट से राजनीति के मैदान में आए पूर्वी दिल्ली से निर्वाचित बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने सोमवार को हरियाणा के
गुरुग्राम में एक मुस्लिम युवक पर हुए हमले की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. गंभीर ने यह प्रतिक्रिया एक वीडियो के वायरल होने के बाद सामने आई है, जिसमें गुरुग्राम में एक मुस्लिम व्यक्ति से उसकी धार्मिक टोपी उतारने और ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए कहा जा रहा है. गुरुग्राम पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. दोषियों की पहचान के लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी ले ली है.

गंभीर ने ट्वीट किया, “गुरुग्राम में मुस्लिम युवक को उसकी धार्मिक टोपी हटाने और ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए कहा गया. यह
निंदनीय है. गुरुग्राम प्रशासन द्वारा अनुकरणीय कार्रवाई होनी चाहिए. हम एक धर्मनिरपेक्ष देश में रहते हैं जहां जावेद अख्तर ‘ओ
पालन हारे, निर्गुण और न्यारे’ लिखते हैं और राकेश ओम प्रकाश मेहरा की ‘दिल्ली 6’ में ‘अर्जियां’ गीत होता है.”

हालांकि गंभीर के इस ट्वीट पर दिल्ली में उनकी पार्टी के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि क्रिकेटर से नेता बने गंभीर के शब्दों का इस्तेमाल विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ कर सकते हैं. दिल्ली भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, गंभीर अब क्रिकेटर नहीं हैं और उन्हें यह समझना चाहिए कि उनके शब्दों और कार्यों को राजनीति के चश्मे से देखा जाएगा. उन्होंने कहा, किसी को इस प्रकार की घटनाएं अच्छी नहीं लगतीं,  लेकिन हरियाणा में हुई किसी घटना पर बोलने का क्या फायदा है, जिसे अन्य दल भाजपा के खिलाफ इस्तेमाल कर सकते हैं.

गंभीर ने एक अन्य ट्वीट किया, धर्मनिरपेक्षता पर मेरे विचार माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ सबका विकास’ मंत्र से प्रेरित हैं…. मैं स्वयं को केवल गुरुग्राम की घटना तक सीमित नहीं रख रहा, जाति-धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार का दमन निंदनीय है. भारत सहिष्णुता एवं समावेशी विकास की अवधारणा पर आधारित है.”

बता दें गुरुग्राम में 25 मई को लोगों के एक समूह ने 25 वर्षीय एक युवक की पिटाई की थी. पीड़ित को टोपी उतारने और ‘जय श्री राम’ का उद्घोष करने को कहा गया था.