प्रतीकात्मक चित्र

पाँच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद शपथ ग्रहण का सिलसिला शुरू हो चुका है। तीन राज्यों में सरकार भी बना ली गई है। केरल में माकपा के पीनाराई विजयन के नेतृत्व में, तमिलनाडु में जयललिता के नेतृत्व में और असम में भाजपा के सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का गठन किया गया है। नए चुने गए मंत्रियों के शपथपत्रों का विश्लेषण करने पर कई चौंकाने वाले आँकड़ें मिले हैं। केरल में सार्वजनिक छवि से उलट एलडीएफ के सबसे ज्यादा मंत्रियों पर आपराधिक मुकदमें हैं। वहीं असम मंत्रिमंडल में सबसे कम 1 मंत्री पर ही आपराधिक मुकदमा है। तमिलनाडु में जयललिता सरकार में भी 9 मंत्रियों पर आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। करोड़पति मंत्रियों के मामले में तमिलनाडु सबसे आगे है। देखिए, नई सरकारों के मंत्रियों का पूरा हाल… (यह भी पढ़ेंः आज होगी ममता बनर्जी की ताजपोशी, मोदी सरकार के कई मंत्री करेंगे शिरकत)

सबसे ज्यादा आपराधिक मुकदमें केरल के मंत्रियों पर हैं

सबसे ज्यादा आपराधिक मुकदमें केरल के मंत्रियों पर हैं

केरल में मार्क्सवादी पार्टी के नेतृत्व में एलडीएफ को बहुमत मिला। मुख्यमंत्री बनाए गए पीनाराई विजयन। विजयन ने कुल 19 मंत्रियों के साथ शपथ ली। इसमें से 17 मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। 3 के खिलाफ तो गंभीर आपराधिक मुकदमें हैं। वहीं मंत्रिमंडल में सिर्फ 5 मंत्री ही करोड़पति हैं और मंत्रियों की औसत पूँजी 78 लाख रुपए है। सर्वाधिक ए के बालन के पास 2 करोड़ 36 लाख की पूँजी है। 19 मंत्रियों मे ं2 महिला मंत्री भी शामिल की गई हैं।

सबसे ज्यादा करोड़पति जयललिता के मंत्रिमंडल में हैं

सबसे ज्यादा करोड़पति जयललिता के मंत्रिमंडल में हैं

तमिलनाडु में जे. जयललिता ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने मंत्रिमंडल में 29 मंत्रियों को शामिल किया है जिसमें 8 मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। तमिलनाडु में सबसे ज्यादा 24 करोड़पति मंत्री हैं। मुख्यमंत्री जयललिता 113 करोड़ की संपत्ति के साथ पहले नंबर पर हैं। यहाँ के मंत्रियों की औसत पूँजी 7.56 करोड़ रुपए है।

aasam

असम में पहली बार भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला है। भाजपा के सर्बानंद सोनोवाल ने 11 मंत्रियों के साथ पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इस मंत्रिमंडल में सबसे कम आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं हालांकि करोड़पति मंत्रियों के मामले में असम भी कम नहीं है। 11 में से 9 मंत्री करोड़पति हैं। यहाँ के मंत्रियों की औसत पूँजी 2.7 करोड़ रुपए है। यह भी पढ़ेंः असम के मुख्यमंत्री बन रहे सर्वानंद सोनोवाल का सफ़रनामा

(सभी आँकड़ें एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट से लिए गए हैं।)