नई दिल्ली: मध्य प्रदेश और मिजोरम विधानसभाओं के लिए हुए चुनाव में बुधवार को दोनों राज्‍यों में 75 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. मध्‍य प्रदेश में हुए पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में यह करीब 3 फीसदी ज्‍यादा है. साल 2013 के चुनाव में मतदान का प्रतिशत 72.13 रहा था.

चुनाव उपायुक्त के बी कुमार ने राज्य में 230 विधानसभा सीटों के लिए मतदान समाप्त होने के बाद यह जानकारी दी. कुमार ने बताया कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के मैदान में इस बार 2899 उम्मीदार हैं. इनमें से 1094 निर्दलीय उम्मीदवार हैं. मुख्य मुकाबला राज्य में 15 साल से सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच है. राज्य में 5.04 करोड़ मतदाता हैं. स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न कराने के लिये पूरे राज्य में 65341 मतदान केन्द्र बनाए गए थे. चुनाव में तीन लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों को तैनात किया गया था.

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मिजोरम के चुनाव उपायुक्त सुदीप जैन ने बताया कि बुधवार को 75 फीसदी मतदाताओं ने वोट दिया. पूर्वोत्तर के इस राज्य में सभी 40 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ. राज्य में 7,70,395 मतदाता हैं जिनमें 3,94,897 महिला मतदाता हैं. चुनावी मुकाबले में 209 प्रत्याशी मैदान में हैं जिनमें से 15 महिलाएं हैं. राज्‍य के कुल 1,179 मतदान केंद्रों में से 47 ‘संवेदनशील’ और इतने ही ‘अति संवेदनशील’ घोषित किए गए थे.

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मिजोरम में विधानसभा चुनाव के लिए अधिकारियों ने पहली बार सभी मतदान केंद्रों को वायरलेस संचार तंत्र से जोड़ा था. राज्य के कई क्षेत्र दुर्गम हैं. त्रिपुरा के छह शिविरों में रहने वाले ब्रू शरणार्थियों के लिए ममित जिले के कानहमुन गांव में अतिरिक्त 15 विशेष मतदान केंद्र बनाए गए थे. चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा के लिए राज्य की सीमाओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया था. मिजोरम के डीजीपी ने इन राज्यों में अपने समकक्षों से सहयोग मांगा था.