भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को अकेले के दम पर स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है. कांग्रेस सरकार बनाने के जादुई आंकड़े से चंद सीट पीछे चल रही है. वहीं बीजेपी को 109 सीटें मिलती दिख रही हैं. इसको देखते हुए मध्यप्रदेश में सरकार बनाने में अब निर्दलीयों, बसपा एवं सपा के पास की भूमिका अहम होने की उम्मीद है. ये ही अब तय करेंगे कि मध्य प्रदेश में किस पार्टी की सरकार बनेगी. Also Read - यूपी के मंत्री ने कहा- कांग्रेस ने भ्रम फैलाकर पाया वोट, पछता रहे हैं मध्यप्रदेश के लोग

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चुनाव आयोग के अनुसार सुबह सात बजे तक कांग्रेस ने 112 सीटों पर जीत हासिल कर ली है और अन्य 2 सीटों पर आगे चल रही है, जो कुल 114 सीटें होती हैं. वहीं 15 साल से प्रदेश में सत्ता पर काबिज भाजपा ने 108 सीटें जीत ली हैं और एक सीट पर आगे चल रही है, जो कुल 109 सीटें होती हैं. प्रदेश की इन दोनों प्रमुख पार्टियों के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा) को एक सीट बिजावर मिल गई है. वहीं, चार सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे. इनके अलावा, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 2 सीटें पथरिया एवं भिंड में जीत दर्ज की है. मध्यप्रदेश में सरकार बनाने में अब निर्दलीयों, बसपा एवं सपा की अहम भूमिका होने की उम्मीद है. Also Read - सवाल- केंद्र की राजनीति में जाने वाले हैं? 15 साल मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह का जवाब- 'यहीं हूं मैं'

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कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के लिये राज्‍यपाल से मांगा समय

इस चुनाव में कांग्रेस का बोट प्रतिशत करीब आठ फीसदी बढ़ा. उसे करीब 41 प्रतिशत वोट मिले हैं, जबकि भाजपा को भी 41 फीसदी से थोड़ा अधिक वोट मिला. इसके अलावा, प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस इस बार एकजुट होकर चुनाव लड़ी, जबकि इससे पहले के चुनाव में कांग्रेस में गुटबाजी नजर आती थी, जिसके कारण उसे सत्ता से 15 साल तक बाहर रहना पड़ा था. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के लिये राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात का समय मांगा .