नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के प्रचार में अपनी पार्टी के लिए पूरी ताकत झोंक दी और इन प्रदेशों में करीब दो महीनों के भीतर उन्होंने 82 जनसभाएं एवं सात रोड शो किए. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान से जुड़े पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि गांधी ने 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करने के बाद सबसे अधिक 25 जनसभाएं मध्य प्रदेश में कीं. उन्होंने मध्य प्रदेश में चार रोड शो भी किए.

कांग्रेस अध्यक्ष ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में 19-19 चुनावी सभाओं को संबोधित किया. इसके अलावा उन्होंने राजस्थान में दो ओर छत्तीसगढ़ में एक रोड शो भी किया. गांधी ने तेलंगाना में 17 जनसभाएं करके कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन के उम्मीदवारों के लिए वोट मांगे. उन्होंने मिजोरम में दो सभाएं की. मध्य प्रदेश और मिजोरम में 28 नवंबर को मतदान हुआ तो राजस्थान एवं तेलंगाना में आज वोट डाले जा रहे हैं. छत्तीसगढ़ में 12 और 20 नवंबर को दो चरणों में मतदान हुआ था.

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 32 रैलियां कीं. पीएम ने राजस्थान में सबसे ज्यादा 12 रैलियां कीं. इसके अलावा, मध्यप्रदेश में 10, छत्तीसगढ़ में 4, तेलंगाना में 5 और मिजोरम में एक रैली की. इन राज्यों में कुल 679 सीटें हैं. हालांकि पीएम मोदी ने गुजरात की तुलना में कम रैलियां कीं. पिछले साल दिंसबर में हुए गुजरात चुनाव के लिए पीएम मोदी ने 182 सीटों वाले विधानसभा चुनाव में 34 रैलियां की थीं.

पीएम ने मध्य प्रदेश की 330 सीटों के लिए 10 रैलियां कीं. वहीं राहुल गांधी ने यहां 25 जनसभाएं कीं. छत्तीसगढ़ की 90 सीटों के लिए पीएम मोदी ने 4 रैलियां की वहीं राहुल गांधी ने यहां 19 चुनावी सभाओं को संबोधित किया. राहुल यहां कांग्रेस का चेहरा थे. तेलंगाना में पीएम मोदी ने 5 रैलियां की जबकि राहुल ने 17 जनसभाएं कीं.

कुल मिलाकर देंखे तो राहुल गांधी की रैलियों और रोड शो से ऐसा लगता है कि कांग्रेस ने इन चुनावों में पूरी ताकत झोंक दी थी. यही कारण है कि जनसभाओं को संबोधित करने के मामले में राहुल ने पीएम मोदी को पीछे छोड़ दिया है. पीएम की कम रैलियों की एक वजह ये भी है कि इन राज्यों में बीजेपी ने राज्य के नेताओं को वरीयता दी और उनके चेहरे पर ही चुनाव लड़ा. छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में रमन सिंह और शिवराज सिंह चौहान पिछले 15 सालों से सत्ता में हैं. वहीं वसुंधरा राजे राजस्थान में बीजेपी का चेहरा है.