नई दिल्ली. मध्यप्रदेश और राजस्थान में विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं. दोनों ही राज्यों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. मध्यप्रदेश में कांग्रेस को 114 सीटें मिली हैं और वह बहुमत से दो सीट दूर है तो राजस्थान में उसे 99 सीटें मिली हैं और वह बहुमत से एक सीट दूर है. ऐसे में दोनों राज्यों में कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए दूसरी पार्टी या निर्दलियों का सहारा लेना पड़ेगा. इस बीच बसपा सुप्रीमो मायवती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा है कि वह मध्यप्रदेश में कांग्रेस को समर्थन करती हैं और जरूरत पड़ने पर राजस्थान में भी कांग्रेस का साथ देंगी.

मायावती ने कहा, तीनों राज्यों में जनता ने बीजेपी को मौका नहीं दिया है. जनता बीजेपी की गलत नीतियों से परेशान है. ऐसे में उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए जनता ने दिल पर पत्थर रखकर कांग्रेस को वोट दिया है. उन्होंने बीएसपी को मिले वोटों के लिए जनता को धन्यवाद भी दिया और कहा कि उनकी पार्टी ने बीजेपी और कांग्रेस से संघर्ष किया है.

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कमलनाथ ने लिखी थी चिट्ठी
गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मंगलवार रात को ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर सरकार बनाने दावा पेश किया था. इसके लिये उन्होंने राज्यपाल से मिलने का वक्त मांगा था और कहा कि उनके दल के पास सरकार बनाने का पर्याप्त आंकड़ा है और उन्हें अन्य दलों और निर्दलीयों का समर्थन हासिल है.

बहुमत का किया दावा
बुधवार तड़के संवाददाताओं से बातचीत में कमलनाथ ने कहा कि सरकार बनाने के लिये हमारे पास बहुमत का आंकड़ा है. बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और यहां तक की निर्दलीय भी हमारे साथ हैं. हमने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है और हम उन्हें हमारे बहुमत के बारे में बताकर सरकार बनाने की अनुमति देने का आग्रह करेगें. उन्होंने कहा कि पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक बुधवार शाम को बुलाई गई है.