जयपुर/हैदराबाद : राजस्थान और तेलंगाना में नए विधानसभा के लिए आज मतदान होगा. राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के बीच काफी कड़ा मुकाबला है. यहां लोगों ने पिछले 20 वर्षों से एक कार्यकाल के बाद उसी पार्टी को दोबारा सत्ता में नहीं बिठाया है. वहीं तेलंगाना में टीआरएस अपने दूसरे कार्यकाल के लिए कांग्रेस नीत पीपुल्स फ्रंट की चुनौतियों का सामना कर रही है. दोनों राज्यों और तीन अन्य राज्यों के चुनाव परिणाम इस ओर संकेत दे सकते हैं कि आगामी वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले हवा का रुख किसकी ओर है.

शुक्रवार को वोटिंग वाले राज्‍य केंद्र में सत्‍तारूढ़ बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती हैं. राजस्‍थान में उसे एंटी-इंकम्‍बेंसी के बीच वसुंधरा राजे की सत्‍ता बचाए रखने की चुनौती है तो तेलंगाना में अपने विस्‍तार के जरिए बीजेपी पूरे दक्षिण भारत में अपनी पहुंच बढ़ाने की योजना बना रही है.

वहीं, कांग्रेस के लिए ये दोनों राज्‍य सबसे ज्‍यादा उम्‍मीद वाले हैं. इसका कारण यह है कि राजस्‍थान में वसुंधरा राजे की सरकार को कई सामाजिक समूहों का विरोध झेलना पड़ रहा है. बागियों की चुनौती कई जगह बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा रही है. राज्‍य का राजनीतिक ट्रेंड भी कांग्रेस के पक्ष में है क्‍योंकि यहां पिछली चार सरकारें चुनाव के बाद सत्‍ता में नहीं लौट पाई हैं. तेलंगाना में मुख्‍यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने समय पूर्व चुनाव का फैसला तो ले लिया, लेकिन एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि उन्‍हें अब यह दांव उल्‍टा पड़ सकता है. कांग्रेस और तेदेपा का गठबंधन केसीआर की पार्टी को कड़ी चुनौती दे रहा है.

200 सदस्यीय राजस्थान विधानसभा के लिए मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है, लेकिन कई जगह पर मुकाबले के त्रिपक्षीय हो जाने की संभावना है. 119 सदस्यीय तेलंगाना में कांग्रेस ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और तेलंगाना जन समिति(टीजेएस) के साथ गठबंधन किया है और टीआरएस को टक्कर देने के लिए तैयार है. दोनों राज्यों में विभिन्न पार्टी के नेताओं ने एक-दूसरे पर काफी निजी हमले किए हैं.

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राजस्थान में भाजपा सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही है. राजस्थान में 4.74 करोड़ लोग मतदान करने के योग्य हैं. वहीं तेलंगाना में 2.80 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं. तेलंगाना में मतदान सुबह 7 बजे शुरू होगा, जबकि राजस्थान में सुबह 8 बजे से मतदान शुरू होगा. सभी विधानसभा क्षेत्रों में वीवीपैट का प्रयोग किया जाएगा. मतदाताओं के पास नोटा का भी विकल्प मौजूद होगा. दोनों राज्यों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. इन दोनों राज्‍यों के चुनाव नतीजे भी छत्तीसगढ़, मिजोरम और मध्यप्रदेश के साथ 11 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे.

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तेलंगाना में नई विधानसभा के चुनाव के लिए 2.8 करोड़ से ज्यादा मतदाता मतदान करेंगे. भारत के सबसे युवा राज्य की 119 विधानसभा सीटों पर 1,821 उम्मीदवारों की किस्मत एक चरण में होने वाले इस चुनाव में तय होगी. चुनाव अधिकारियों ने 32, 815 मतदान केंद्रों पर चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं. तेलंगाना के मुख्य चुनाव अधिकारी रजत कुमार के मुताबिक, 106 विधानसभा सीटों पर सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा. वहीं वाम चरमपंथ से प्रभावित 13 सीटों पर शाम चार बजे तक ही मतदान होगा.

इनपुट: एजेंसी