नई दिल्ली: तेलंगाना में टीआरएस की शानदार सफलता के बाद के चंद्रशेखर राव 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई को सूत्रों ने यह जानकारी दी. आंध्र प्रदेश से अलग होने के बाद तेलंगाना में दूसरी बार चुनाव हुए जिसमें टीआरएस ने 88 सीटों पर जीत हासिल की. मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने समय से पहले ही चुनाव कराने का फैसला किया था और उनका यह फैसला सही साबित हुआ. तेलंगाना में विधानसभा चुनाव के मंगलवार को आए नतीजों में सत्ताधारी टीआरएस ने दो तिहाई बहुमत मिला है. देश के इस सबसे युवा राज्य में टीआरएस दूसरी बार सरकार बनाएगी. पार्टी ने 119 सदस्यीय विधानसभा में 88 सीटों पर जीत हासिल की .

अंतिम परिणाम के मुताबिक, कांग्रेस ने 19 सीटों पर जीत हासिल की है. उसकी सहयोगी तेदेपा के खाते में दो सीटें गई हैं. टीआरएस का समर्थन करने वाली असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम ने सात सीटें जीती हैं. भाजपा के खाते में एक सीट आई है. एआईएफबी ने एक सीट पर जीत हासिल की और एक सीट पर निर्दलीय को जीत मिली. प्रदेश की 119 विधानसभा सीटों पर सात दिसंबर को हुए चुनावों के लिये मतगणना मंगलवार सुबह आठ बजे शुरू हुई.

टीआरएस अध्यक्ष और कार्यवाहक मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने चुनावों में अपनी पार्टी का प्रभावशाली तरीके से नेतृत्व किया और खुद गजवेल सीट पर 51 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से चुनाव जीता. उनके बेटे और मंत्री के टी रामा राव सिरसिला क्षेत्र से विजेता बने. उन्होंने अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार के के महेंद्र रेड्डी को हराया.

चंद्रशेखर राव के रिश्तेदार और कैबिनेट मंत्री टी हरीश राव ने सिद्धपेट सीट से भारी अंतर से जीत दर्ज की. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) के भवानी रेड्डी को करारी शिकस्त दी.पश्चिम बंगाल, बिहार और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों- ममता बनर्जी, नीतीश कुमार और एच डी कुमारस्वामी- ने केसीआर को इस जीत के लिये बधाई दी. आंध्र प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जगन मोहन रेड्डी ने भी केसीआर को बधाई दी.