नई दिल्ली: मध्य प्रदेश और राजस्थान में मुख्यमंत्री कौन बनेगा इसे लेकर कांग्रेस में मंथन चल रहा है. विधायकों ने सीएम चुनने का अधिकार राहुल गांधी को दिया है. 7 लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं की राय लेने के बाद राहुल गांधी आज किसी नतीजे पर पहुंचेंगे. इस बीच कानून से बच कर भागे शराब कारोबारी विजय माल्या ने मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस की जीत पर ज्योतिरादित्य सिंधिया और सचिन पायलट को बधाई दी है. माल्य ने सचिन और सिंधिया को टैग करते हुए ट्वीट किया, यंग चैंपियन्स सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया को बहुत-बहुत बधाई. विजय माल्य के इस बधाई संदेश को बीजेपी मुद्दा बना सकती है ऐसे में माल्या को लेकर बीजेपी सरकार पर हमला करने वाली कांग्रेस की मुश्किल बढ़ सकती है. मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया और राजस्थान में सचिन पायलट सीएम की रेस में हैं.

गौरतलब है कि भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को सोमवार को ब्रिटेन की अदालत ने करारा झटका देते हुए उन्हें भारत के हवाले करने की अनुमति दी है. अदालत ने कहा कि तड़क-भड़क की जिंदगी जीने वाले इस अरबपति कारोबारी ने अपने वित्तीय लेनदेन का काफी ‘गलत ब्योरा दिया’ और बैंकों के कर्ज का दूसरे कामों में इस्तेमाल किया.

इस समय ब्रिटेन में रह रहे 62 वर्षीय माल्या पिछले साल अप्रैल में प्रत्यर्पण वॉरंट पर गिरफ्तारी के बाद से जमानत पर चल रहे हैं. उन पर भारतीय बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये बकाया है और साथ ही किंगफिशर एयरलाइन के लिए बैंकों से कर्ज में हेराफेरी और मनी लांड्रिंग का भी आरोप है. यह एयरलाइन बंद हो चुकी है.

माल्या ने अपने आप को भारत के हवाले किए जाने को चुनौती दी थी और यह बहुचर्चित मामला वहां करीब एक साल चला. माल्या ने दलील दी थी कि उन्होंने बैंकों के साथ कोई हेराफेरी या चोरी नहीं की है. उन्होंने दिन में कहा था कि उनकी भारतीय बैंकों को मूल राशि लौटाने की पेशकश ‘फर्जी’ नहीं है. कोर्ट का फैसला आने से पहले माल्या ने कहा था कि कर्ज निपटाने की मेरी पेशकश कर्नाटक हाईकोर्ट के समक्ष की गई है. प्रत्यर्पण मुकदमे से उसका संबंध नहीं है.

कोई फर्जी पेशकश कर के न्यायालय की अवमानना नहीं कर सकता. ईडी ने संपत्तियां कुर्क की हैं. वे फर्जी संपत्तियां नहीं हैं. माल्या ने कहा कि उनकी संपत्तियों का मूल्य इतना है जिससे वह सभी का भुगतान कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका ध्यान इसी पर है.

उन्होंने कहा कि उनकी कानूनी टीम इस फैसले की समीक्षा के बाद आगे कदम उठाएगी. कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष की गई पेशकश के बारे में माल्या ने कहा कि यदि निपटान की अनुमति दी जाती है तो सबसे पहले किंगफिशर के कर्मचारियों का भुगतान किया जाना चाहिए.

फैसला आने के बाद माल्या ने संवाददाताओं से कहा था कि मुझे इस बात की निराशा है कि जज को यह लगा कि मैंने आईडीबीआई बैंक को गलत ब्योरा दिया और उन्हें किंगफिशर एयरलाइंस को कर्ज देने को कहा. जज को यदि ऐसा लगता है तो उन्हें इसका पूरा अधिकार है. मेरे अपने अधिकार हैं.