नई दिल्ली: उद्योग मंडल एसोचैम (ASSOCHAM) के एक अखिल भारतीय सर्वेक्षण में पाया गया है कि कोविड-19 महामारी के प्रकोप और उसके बाद लॉकडाउन के बाद घर से काम शुरू करने वाले अधिकांश कर्मचारी घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करना जारी रखना पसंद करेंगे. देश के आठ प्रमुख शहरों में बिजनेस चैंबर के इस प्राइमस पार्टनर्स द्वारा किए गए सर्वेक्षण में कहा गया है कि 74 फीसदी कर्मचारी किसी न किसी रूप से वर्क फ्रॉम होन की व्यवस्था के तहत काम करना जारी रखना पसंद करेंगे.Also Read - COVID-19 Update: देश में आज आए कोरोना के 41,831 नए केस, लगातार बढ़ रहे एक्‍टिव मरीज

सर्वेक्षण यह भी बताता है कि कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को घर से काम करने देने में उन्हें भी काफी लाभ हुआ है. क्योंकि इससे लोकेशन पर आने वाली समस्याओं को कम किया है, वर्क फ्रॉम होम से ट्रासपोर्ट और ऑफिस कैंपस को किराए पर चलाने की लागत में भी कमी आई है. Also Read - केंद्र ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के लिए राज्यों को 1828 करोड़ रुपये दिए

कर्मचारियों का वर्क फ्रॉम होम पसंद करने के पीछे का एक मुख्य कारण सार्वजनिक परिवहन में विश्वास की कमी है. भले ही लगभग सभी राज्यों ने बसों और मेट्रो रेल जैसी सेवाओं को फिर से शुरू किया है लेकिन लोगों के अंदर कोरोना वायरस को लेकर डर बना हुआ है. इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि सर्वेक्षण में 73 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे अपने स्वयं के दोपहिया वाहनों या कारों का उपयोग करेंगे, केवल 21 प्रतिशत ऐसे हैं जो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना जारी रखेंगे. Also Read - PM Awas Yojana 2021: पीएम आवास योजना में मिल सकती है एक और बड़ी सुविधा, जानिए- कैसे मिलेगा लाभ?

इस तथ्य को इसी संदर्भ में देखा जा सकता है कि जुलाई 2020 में यात्री कारों की बिक्री में वृद्धि 1.97 लाख युनिट दर्ज की गई. एसोचैम के महासचिव दीपक सूद ने टिप्पणी करते हुए कहा, “टेक्नोलॉजी ने वर्क फ्रॉम होम को सक्षम किया है.” इस प्रतिमान को तेजी से समायोजित करने की जरूरत है. ”

उदाहरण के लिए, सर्वेक्षण में एक आईटी फर्म का उदाहरण दिया गया है, जिसने इंदौर, भोपाल, विजयवाड़ा, चंडीगढ़ और पटना जैसे टियर -2 शहरों से सिर्फ 100 से अधिक कर्मचारियों की भर्ती की है. कंपनी ने फैसला किया है कि सभी नई भर्तियां वर्क फ्रॉम होम मॉडल का पालन करेंगी, जो टियर -2 शहरों के लिए नए अवसर खोलेगी और सर्वेक्षण के अनुसार मेट्रो शहरों पर नागरिक भार को कम करेगी.