अहमदाबाद: शहर के ओढव इलाके में करीब दो दशक पहले एक सरकारी आवासीय योजना के तहत बनी दो चार मंजिला इमारतें ढह गईं जिसमें से चार लोगों को सुरक्षित निकाला गया जबकि कई अन्य के फंसे होने की आशंका है. गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) तथा स्थानीय दमकल विभाग की टीमों को मलबे से लोगों को निकालने के लिए तैनात किया गया है. दोनों इमारतें चार चार मंजिला थीं. उन्होंने कहा कि ये टीमें बचाव अभियान के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रही हैं.

जडेजा ने कहा, ‘दोनों इमारतों को अहमदाबाद नगर निगम के अधिकारियों द्वारा रविवार को उस समय खाली कराया गया था जब उन्हें लगा कि इमारतें कभी भी गिर सकती हैं. लेकिन कुछ निवासी वापस आए और वे इनके ढहने के वक्त इमारत के अंदर ही थे.जडेजा ने कहा कि मलबे में आठ दस लोगों के फंसे होने की आशंका है.

हादसे के बाद मौके पर पहुंची एनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मलबे में अब भी 5-6 लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिसे देखते हुए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. एनडीआरएफ के मुताबिक राहत कार्य के लिए कई मशीनें लगाई गई हैं और लोगों को बाहर निकालने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. इस इमारत में 32 फ्लैट थे, इन्‍हें खाली करने के लिए नोटिस दिया गया था और इनमें से कई खाली भी थे. उन्होंने कहा कि मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चल रहा है और यह पता लगाने की कोशिश भी हो रही है कि जो लोग मलबे में दबे हैं, वह यहां कैसे पहुंचे थे.