नई दिल्लीः हाल ही में आधार की जानकारी लीक होने की खबर आई थी जिसे यूनीक आइडेंटीफिकेश अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने नकार दिया था. UIDAI ने कहा था कि आधार धारकों की जानकारी लीक होने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है और डाटाबेस पूरी तरह सेफ है. कुछ दिन पहले अटॉर्नी जनरल के.के वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि 13 फीट ऊंची और 5 फीट मोटी दीवार के पीछे आधार डेटा सुरक्षित है. उन्होंने कहा था कि यह स्कीम भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए एक गंभीर प्रयास है. बायोमीट्रिक डाटा समेत सभी डिटेल मानेसर में एक कॉम्प्लेक्स में सुरक्षित है. Also Read - Aadhar Card Latest News: Aadhaar केंद्र पर लंबी लाइन से बचने का UIDAI ने बताया आसान तरीका, जानें स्टेप बाई स्टेप में पूरी जानकारी...

मानेसर स्थित इस बिल्डिंग की बाउंड्री 13 फीट ऊंची और 5 फीट मोटी है. यहां 1 अरब 20 करोड़ लोगों का आधार डाटा सुरक्षित रखा गया है. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार यहां की सुरक्षा में लगे सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) के अधिकारी सुभाष चंद का कहना है कि मुझे नहीं पता कि इस दीवार को लेकर कोर्ट में क्या कहा गया. लेकिन मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि हमारी सुरक्षा फुलप्रुफ है. Also Read - Aadhar Card Latest Updates: आधार की यह सर्विस फिर शुरू, नहीं जाना होगा Aadhar केंद्र, घर बैठे कर पाएंगे इन चीजों को अपडेट, जानें पूरी प्रक्रिया....

इस बिल्डिंग में जाने के लिए किसी को भी तीन सुरक्षा लेयर से गुजरना पड़ता है. सीआईएसएफ के अधिकारी सुभाष चंद पिछले एक साल से इस बिल्डिंग की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे हैं. उनके ऊपर 159 सीआईएसएफ जवानों का जिम्मा है जो इस बिल्डिंग की पेट्रोलिंग करते हैं. Also Read - Aadhaar Card New Update: करना हो कोई करेक्शन या बनवाना हो Aadhaar Card, घर बैठे Appointment का जानें आसान तरीका

उन्होंने बताया कि इस बिल्डिंग में 250 कर्मचारी काम करते हैं. यहां काम करने वाले ज्यादातर कर्मी एचसीएल और विप्रो से हैं. उन्होंने बताया कि यहां 24 घंटे सुरक्षा कड़ी रहती है. तीन शिफ्ट में सुरक्षाकर्मी काम करते हैं. हर शिफ्ट में 40 से 50 सीआईएसएफ जवान तैनात रहते हैं.

सीआईएसएफ के अलावा दो प्राइवेट कंपनियां भी सुरक्षा का जिम्मा संभालती हैं. बिल्डिंग भूकंपरोधी और पर्यावरण के अनुकुल है. यहां सोलर पैनल लगे हुए हैं. इस बिल्डिंग की निगरानी के लिए 200 कैमरे लगाए गए हैं. सुरक्षा ऐसी की परिंदा भी पर न मार सके.

गौरतलब है कि UIDAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय भूषण पांडे ने आधार की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया था. उन्होंने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ को बताया कि आधार डाटा की सुरक्षा के लिए ‘2048-एनक्रिप्शन की’ का इस्तेमाल किया गया है. हैकर इस सुरक्षा चक्र को नहीं तोड़ पाएंगे.

उन्होंने कहा था कि सुपरकंप्यूटर से भी इसे हैक करने में 13 अरब वर्ष लग जाएंगे. UIDAI प्रमुख ने अपने 80 मिनट के प्रेजेंटेशन में कोर्ट को बताया कि आधार डाटा के सेंट्रल डाटाबेस में पहुंचने के बाद उसे साझा नहीं किया जा सकता है. इस डाटा को सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर ही शेयर किया जा सकता है.