मुंबई: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने याद किया कि 1980 में एक जनसभा में उनकी मौजूदगी में अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) खिलेगा. नाइक उस दौरान पार्टी की मुंबई इकाई के प्रमुख थे. नाइक ने कहा, “रैली में अटल जी ने कहा था : अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा.” उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने कहा, “उनके ऐसा कहते ही दर्शकों ने नारा लगाया-अगली बारी, अटल बिहारी.”

नाइक ने कहा कि भाजपा महाधिवेशन के आयोजकों को कार्यक्रमों में बहुत अधिक लोगों के हिस्सा लेने की उम्मीद नहीं थी. उन्होंने कहा, “करीब 58,000 से अधिक लोग शामिल हुए. यह आंकड़ा उम्मीद से बहुत अधिक था.” पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी का 93 वर्ष की आयु में गुरूवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) में निधन हो गया.

एक राजनेता, प्रधानमंत्री और एक दोस्त के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी का राजस्थान से हमेशा नजदीकी रिश्ता रहा. वह पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत हों, पोकरण या शिवकुमार किसी न किसी बहाने वाजपेयी की डोर राजस्थान से बंधी रही. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित अखिल आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) में गुरूवार को निधन हो गया.

जनसंघ की पहली पीढ़ी के तीन प्रमुख नेताओं में से एक भैंरोसिंह शेखावत से वाजपेयी की दोस्ती किसी से छुपी नहीं थी. शेखावत की बेटी की शादी में उन्होंने जयपुर में परिवार के प्रमुख सदस्य के रूप में सारे रस्मों रिवाज निभाए. शेखावत जब उपराष्ट्रपति बने तो वाजपेयी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा था कि ‘मिट्टी की धूल माथे पर चंदन का तिलक बनकर उभरी है.’

राजस्थान के पोकरण में परमाणु परीक्षण करवाकर वाजपेयी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को बदल दिया. ‘आप्रेशन शक्ति’ के तहत मई 1998 में पोकरण की धरती परमाणु परीक्षणों से थरथरा गयी और वाजपेयी ने कहा कि पोकरण परमाणु परीक्षण ने दुनिया को दिखा दिया था कि भारत महान वैज्ञानिकों की भूमि है.