नई दिल्लीः पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी ने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिरा गांधी के लिए कभी दुर्गा शब्द का प्रयोग नहीं किया था. मीडिया का एक धड़ा कहता रहा है कि 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध और बांग्लादेश के निर्माण के वक्त इंदिरा गांधी के शानदार नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए उस वक्त विपक्ष में रहे अटल बिहारी वाजपेयी ने उनकी तुलना दुर्गा से की थी. मां दुर्गा हिंदू धर्म में शक्ति की देवी मानी जाती हैं. लेकिन बाद में एक इंटरव्यू में खुद अटल बिहारी वाजपेयी ने इससे इनकार किया. 1971 के युद्ध के बाद देश और दुनिया में इंदिरा के नेतृत्व की खुब तारीफ हुई. उन्होंने बेहद प्रतिकूल परिस्थिति में बेहद कड़े फैसले लेकर पाकिस्तान के दो टुकड़ा करवा दिए. Also Read - आने वाला कल न भुलाएं, आओ फिर से दीया जलाएं... PM मोदी की अपील में है अटल बिहारी वाजपेयी की इस कविता की झलक

Also Read - ममता ने पूर्व पीएम वाजपेयी को दी श्रद्धांजलि, कहा- हम उन्‍हें बहुत याद करते हैं

हमारे सहयोगी चैनल जी न्यूज पर 21 अक्तूबर 1995 को प्रसारित ‘जनता की अदालत’ कार्यक्रम में एक सवाल पर अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि 1971 के जंग में उन्होंने इंदिरा की भूमिका की जरूर प्रशंसा की थी और वह भूमिका सचमुच सराहना के लायक थी. लेकिन उन्होंने उनके (इंदिरा के लिए) दुर्गा शब्द का प्रयोग नहीं किया था. वाजपेयी ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में कभी इंदिरा को दुर्गा नहीं कहा. इस सवाल पर वाजपेयी ने उलटे व्यंग्य कसते हुए कहा था कि वह खुद दुर्गा के उपासक हैं. वह दुर्गा के विभिन्न रूपों को जानते हैं. दुर्गा दैत्यों का नाश करती हैं. वह अपनों को जेल में नहीं डालतीं. वाजपेयी ने कहा कि उन्होंने इंदिरा को कभी दुर्गा के रूप में चित्रित नहीं किया. वाजपेयी उस वक्त अपनी पार्टी भारतीय जनसंघ की ओर से सांसद थे. विपक्षी दल में होने के नाते भारतीय जनसंघ इंदिरा सरकार की आलोचना कर रही थी, लेकिन पार्टी लाइन से इतर जाते हुए वाजपेयी ने इंदिरा की प्रशंसा की थी. Also Read - 'मैं अखिल विश्व का गुरू महान', एक राजनेता जिसकी कविताएं बन गई जनमानस की आवाज, पढ़ें कुछ प्रमुख कृतियां