नई दिल्लीः पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत लगातार नाजुक बनी हुई है. उनका दिल्ली के एम्स अस्पताल में इलाज चल रहा है. उनको लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है. इस बीच एम्स से लेकर उनके आवास 6, कृष्ण मेनन मार्ग तक नेताओं और उनके चाहने वालों का जमावड़ा लगा हुआ है. इस बीच ऐसी भी सूचना है कि अटल के परिवार वालों को भी ग्वालियर और लखनऊ से दिल्ली बुला लिया गया है. एम्स की ओर से करीब 11 बजे जारी मेडिकल बुलेटिन में उनकी हालत जस की तस बनी हुई बताई गई है.

आज सुबह से अटल को देखने एम्स पहुंचने वालों में पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित तमाम लोग शामिल रहे. भाजपा ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं.

इन दो खतरनाक बीमारी से जूझ रहे हैं अटल बिहारी वाजपेयी, ये हैं लक्षण

इससे पहले उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू एम्स में भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हालचाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे. भाजपा के 93 वर्षीय दिग्गज नेता को गुर्दे में संक्रमण, मूत्र नली में संक्रमण, पेशाब की मात्रा कम होने और सीने में जकड़न की शिकायत के बाद 11 जून को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली (एम्स) में भर्ती कराया गया था.

स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आज सुबह में काफी देर तक एम्स में मौजूद रहे. मधुमेह से ग्रस्त वाजपेयी की एक ही किडनी काम करती है. वर्ष 2009 में उन्हें आघात आया था, जिसके बाद उन्हें लोगों को पहचानने सहित कई तरह की समस्याएं होने लगीं थीं. बाद में उन्हें डिमेशिया की दिक्कत हो गई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल शाम वाजपेयी का हालचाल जानने के लिए एम्स गये थे.

मोदी के अलावा भी तमाम बड़े नेता वाजपेयी का कुशलक्षेम जानने अस्पताल पहुंचे थे. एम्स ने कल रात एक बयान में कहा, ‘‘ दुर्भाग्यवश, उनकी हालत बिगड़ गई है. उनकी हालत गंभीर है और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है.’’