नई दिल्ली. दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत गंभीर बनी हुई है. बुधवार की रात एम्स ने मेडिकल बुलेटिन जारी करके जानकारी दी कि अगले 24 घंटे वाजपेयी के लिए क्रिटिकल हैं. उन्हें वेंटिलेटर (जीवन रक्षक प्रणाली) पर रखा गया है. उन्हें देखने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू सहित कई नेता एम्स गए थे.Also Read - 'बड़े दिल वाले नेता के समझदार शब्द', आखिर वरुण गांधी ने अब किसके खिलाफ खोल दिया है मोर्चा

बता दें कि वाजपेयी को किडनी नली में संक्रमण की शिकायत है. उन्हें सीने में जकड़न और मूत्रनली में संक्रमण के बाद 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था. एम्स ने एक बयान में कहा है, दुर्भाग्यवश, पिछले 24 घंटों में उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई है. उनकी हालत नाजुक है और वह जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं. Also Read - Madhya Pradesh: पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की याद में बनेगा स्मारक, शिवराज सिंह चौहान का ऐलान

वाजपेयी साल 2004 के चुनाव तक राजनीति में सक्रिय थे. इस दौरान ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. धीरे-धीरे वह राजनैतिक और सामाजिक गतिविधियों से दूर होने लगे. इस दौरान उनकी तबीयत में गिरावट जारी रहा. पहले सूचना मिली की वह किडनी संबंधी रोग से पीड़ित हैं. बाद में जानकारी मिली कि उन्हें भूलने की बीमारी (डिमेंशिया) हो गई है. इसके बाद वह घर में ही रहने लगे. साल 2009 से वह व्हीलचेयर पर हैं.
डिमेंशिया के लक्षण
> इसमें मरीज नाम, जगह, तुरंत की गई बातचीत को भूलने लगता है. Also Read - पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी Karuna Shukla का कोरोना से निधन, अस्पताल में चल रहा था इलाज

> अवसाद से पीड़ित होना

> बातचीत करने में दिक्कत होती है और व्यवहार बदलने लगता है.

> खाने-पीने और निगलने में दिक्कत होती है.

> चलने-फिरने में भी परेशानी होती है.

किडनी की बीमारी के लक्षण
> हाथ पैरों व आंखों के नीचे सूजन
> कमजोरी
> थकान
> शरीर में खुजली
> बार-बार यूरीन आना
> भूख न लगना या कम लगना
> उल्टी आना
> पैरों की पिंडलियों में खिंचाव