नई दिल्‍ली: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अब हमारे बीच नहीं रहे. लंबी बीमारी के बाद गुरुवार शाम एम्‍स में उनका निधन हो गया. पत्रकारिता से शुरुआत कर देश के शीर्ष राजनीतिक पद तक पहुंचने वाले वाजपेयी जी के प्रशंसक विपक्षी पार्टियों में भी थे. कवि हृदय वाजपेयी जी सबसे खुलकर मिलते थे, लेकिन बच्‍चों का साथ पाकर वे बच्‍चे ही हो जाते. Also Read - 3000 मी. की ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे लंबी सुरंग का नाम पूर्व पीएम के नाम पर होगा

ऐसा ही एक वाकया 2003 में देखने को मिला था. उस समय प्रधानमंत्री रहे वाजपेयी जी बच्‍चों के राष्‍ट्रीय वीरता पुरस्‍कार समारोह में शामिल हुए थे. इसी दौरान उन्‍होंने एक बच्‍चे को अवॉर्ड देने के बाद उसे अपनी गोद में उठा लिया और पुचकारने लगे. उनकी इस अदा पर मंच पर खड़े लोग तालियां बजाए बिना नहीं रह सके. Also Read - Madhya Pradesh Election Results 2018: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा 502 वोट से पीछे

बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 93 साल की उम्र में एम्स में निधन हो गया. एम्स की ओर से मेडिकल बुलेटिन जारी कर इसकी जानकारी दी गई. वह करीब दो महीने से एम्स में भर्ती थे. बुधवार को उनकी हालत और बिगड़ गई थी और उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था. इसके बाद से ही पीएम, मंत्रियों, नेताओं का उनसे मिलने का सिलसिला जारी हो गया था. आज शाम साढ़े 5 बजे एम्स की ओर से जारी बयान में उनके निधन की पुष्टि कर दी. उनका निधन शाम 5.05 बजे हुआ. उनके निधन के बाद बीजेपी मुख्यालय पर पार्टी का झंडा झुका दिया गया.