Atal Tunnel Inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अटल टनल (Atal Tunnel) का उद्घाटन किया. इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग सहित सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे. बता दें कि अटल टनल दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है. Atal Tunnel के कारण मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा का समय भी चार से पांच घंटे की कमी आएगी. Also Read - पुलवामा हमले को देश कभी नहीं भूल सकता,  मैंने भद्दी राजनीति झेली लेकिन अब विरोधी बेनकाब: PM मोदी

अटल सुरंग का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन बहुत ऐतिहासिक है. आज सिर्फ अटल जी का ही सपना पूरा नहीं हुआ है, आज हिमाचल प्रदेश के करोड़ों लोगों का दशकों पुराना इंतजार खत्म हुआ है. मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज अटल टनल के लोकार्पण का अवसर मिला है. उन्होंने कहा कि इस टनल से मनाली और केलॉन्ग के बीच की दूरी 3-4 घंटे कम हो ही जाएगी. पहाड़ के मेरे भाई-बहन समझ सकते हैं कि पहाड़ पर 3-4 घंटे की दूरी कम होने का मतलब क्या होता है.

पीएम मोदी ने कहा कि लेह, लद्दाख के किसानों, बागवानों और युवाओं के लिए भी अब देश की राजधानी दिल्ली और दूसरे बाजारों तक पहुंच आसान हो जाएगी. उन्होंने कहा कि अटल टनल भारत के बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नई ताकत देने वाली है. ये विश्वस्तरीय बॉर्डर कनेक्टिविटी का जीता जागता प्रमाण है.

पीएम ने कहा कि हमेशा से यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की मांग उठती रही है, लेकिन लंबे समय तक हमारे यहां बॉर्डर से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट या तो प्लानिंग की स्टेज से बाहर ही नहीं निकल पाए या जो निकले वो अटक गए, लटक गए, भटक गए.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि साल 2002 में अटल जी ने इस टनल के लिए अप्रोच रोड का शिलान्यास किया था. अटल जी की सरकार जाने के बाद, जैसे इस काम को भी भुला दिया गया. हालात ये थे कि साल 2013-14 तक टनल के लिए सिर्फ 1300 मीटर का काम हो पाया था. एक्सपर्ट बताते हैं कि जिस रफ्तार से 2014 में अटल टनल का काम हो रहा था, अगर उसी रफ्तार से काम चला होता तो ये सुरंग साल 2040 में जाकर पूरा हो पाती.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आपकी आज जो उम्र है, उसमें 20 वर्ष और जोड़ लीजिए, तब जाकर लोगों के जीवन में ये दिन आता, उनका सपना पूरा होता. जब विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ना हो, जब देश के लोगों के विकास की प्रबल इच्छा हो, तो रफ्तार बढ़ानी ही पड़ती है.’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘अटल टनल के काम में भी 2014 के बाद, अभूतपूर्व तेजी लाई गई. नतीजा ये हुआ कि जहां हर साल पहले 300 मीटर सुरंग बन रही थी, उसकी गति बढ़कर 1400 मीटर प्रति वर्ष हो गई. सिर्फ 6 साल में हमने 26 साल का काम पूरा कर लिया.’

बता दें कि अटल सुरंग (Atal Tunnel) दुनिया में सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है. 9.02 किलोमीटर लंबी सुरंग मनाली को वर्ष भर लाहौल स्पीति घाटी से जोड़े रखेगी. पहले घाटी करीब छह महीने तक भारी बर्फबारी के कारण शेष हिस्से से कटी रहती थी. हिमालय के पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के बीच अत्याधुनिक विशिष्टताओं के साथ समुद्र तल से करीब तीन हजार मीटर की ऊंचाई पर सुरंग को बनाया गया है.

मालूम हो कि अटल सुरंग (Atal Surang) का दक्षिणी पोर्टल मनाली से 25 किलोमीटर की दूरी पर 3,060 मीटर की ऊंचाई पर बना है, जबकि उत्तरी पोर्टल 3,071 मीटर की ऊंचाई पर लाहौल घाटी में तेलिंग, सीसू गांव के नजदीक स्थित है. अधिकारियों ने बताया कि घोड़े की नाल के आकार वाली दो लेन वाली सुरंग में आठ मीटर चौड़ी सड़क है और इसकी ऊंचाई 5.525 मीटर है. उन्होंने बताया कि 3,300 करोड़ रुपये की कीमत से बनी सुरंग देश की रक्षा के नजरिए से बहुत महत्वपूर्ण है.

अटल सुरंग का डिजाइन प्रतिदिन तीन हजार कारों और 1500 ट्रकों के लिए तैयार किया गया है जिसमें वाहनों की अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे होगी. अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की सरकार ने रोहतांग दर्रे के नीचे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस सुरंग का निर्माण कराने का निर्णय किया था और सुरंग के दक्षिणी पोर्टल पर संपर्क मार्ग की आधारशिला 26 मई 2002 को रखी गई थी. मोदी सरकार ने दिसंबर 2019 में पूर्व प्रधानमंत्री के सम्मान में सुरंग का नाम अटल सुरंग रखने का निर्णय किया था, जिनका निधन पिछले वर्ष हो गया.

Atal Tunnel की खास बातें
– 3,300 करोड़ रुपये से बनी अटल सुरंग देश की रक्षा के नजरिए से बहुत महत्वपूर्ण
– अटल टनल दुनिया में सबसे लंबी हाईवे सुरंग है
– 9.02 किलोमीटर लंबाई है अलट सुरंग की
– मनाली को लाहौल स्पीति घाटी से पूरे साल जोड़े रखेगी
– हिमालय के पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के बीच में बनाई गई है अलट सुरंग
– अटल सुरंग का दक्षिणी पोर्टल मनाली से 25 किमी की दूरी पर 3,060 मीटर की ऊंचाई पर बना है
– उत्तरी पोर्टल 3,071 मीटर की ऊंचाई पर लाहौल घाटी में तेलिंग, सीसू गांव के नजदीक स्थित है
– घोड़े की नाल के आकार वाली दो लेन वाली सुरंग में 8 मीटर चौड़ी सड़क है
– अटल सुरंग की ऊंचाई 5.525 मीटर है
– अटल सुरंग का डिजाइन प्रतिदिन 3000 कारों और 1500 ट्रकों के लिए तैयार किया गया है
– अटल टनल के अंदर वाहनों की अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे होगी

(इनपुट: भाषा)