नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अटल सुरंग (टनल) का उद्घाटन करेंगे. यह दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है. प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान में कहा गया है कि समारोह सुबह 10 बजे आयोजित किया जाएगा. Also Read - PM Narendra Modi Address to Nation Full Speech: कोरोना और नवरात्रि, ईद, छठ से लेकर कबीर के दोहा तक, पढ़ें पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें

अटल सुरंग मनाली और लेह के बीच की दूरी को 46 किलोमीटर तक कम करती है और यात्रा के समय को भी चार से पांच घंटे कम कर देती है. यह 9.02 किलोमीटर लंबी सुरंग है, जो कि मनाली को पूरे साल लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. Also Read - पीएम मोदी बोले- भारत ने सबसे पहले लगाया लॉकडाउन इसलिए आ रही करोना के मामलों में कमी

इससे पहले लाहौल-स्पीति घाटी हर साल लगभग 6 महीने तक भारी बर्फबारी के कारण अन्य हिस्सों से कट जाती थी. सुरंग को समुद्र तल से 3,000 मीटर (10,000 फीट) की ऊंचाई पर हिमालय की पीर पंजाल श्रेणी में आधुनिक तकनीक के साथ बनाया गया है. Also Read - पीएम नरेंद्र मोदी का बयान- 6 सालों में हुए चौतरफा काम, अब बढ़ा रहे हैं उसकी गति और दायरा

इस टनल में हर रोज तीन हजार कार और डेढ़ हजार ट्रक गुजर सकेंगे. टनल के भीतर 80 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार तय की गई है. टनल के भीतर सेमी ट्रांसवर्स वेंटिलेशन सिस्टम होगा. यहां किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तमाम व्यवस्था भी की गई है.

टनल के भीतर सुरक्षा पर भी खास ध्यान दिया गया है. दोनों ओर एंट्री बैरियर रहेंगे. हर 150 मीटर पर आपात स्थिति में संपर्क करने की व्यवस्था होगी. हर 60 मीटर पर आग बुझाने का संयंत्र होगा. इसके अलावा हर 250 मीटर पर दुर्घटना का स्वयं पता लगाने के लिए सीसीटीवी का इंतजाम भी किया गया हैं. यहां हर एक किलोमीटर पर हवा की क्वालिटी जांचने का भी इंतजाम है.

इस टनल को बनाने का एतिहासिक फैसला तीन जून 2000 को लिया गया था, जब अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे. 26 मई 2002 को इसकी आधारशिला रखी गई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 दिसंबर 2019 को इस टनल का नाम दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर अटल टनल रखने का फैसला किया था.