नई दिल्ली: जंगल और घने अंधेरे के बीच हाथों में AK-47 लिए पुलिस की चार महिला अफसर (पीएसआई) खूंखार अपराधी की तलाश में भटकती हैं और बहादुरी से ऑपरेशन को सफल भी बना लेती हैं. ये किसी फिल्म का सीन नहीं बल्कि गुजरात पुलिस की चार महिला अफसरों का कारनामा है, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. ऐसा कम या शायद होता ही नहीं है कि महिला पुलिस को किसी खूंखार अपराधी को पकड़ने के ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अकेले ही भेज दिया गया हो, लेकिन पुलिस विभाग की इन चार महिला अफसरों ने ये कर दिखाया है.

दरअसल, गुजरात के बोटाद के देवगढ़-जूनागढ़ इलाके में जुसब अल्लारखा नाम के बदमाश का आतंक था. उस पर हत्या, लूट, डकैती, सरकारी कर्मचारियों से लूटपाट, अपहरण जैसे कई मामले दर्ज थे. इलाके के लोग उसके आतंक से परेशान थे. गुजरात ATS को सूचना मिली कि ये बदमाश देवगढ़ इलाके में छिपा हुआ है. इस पर गुजरात ATS के डीआईजी हिमांशु शुक्ल ने उसे पकड़ने की जिम्मेदारी टीम की चार महिलाओं को दे दी. उन्हें पूरी तैयारी के साथ जंगल में भेज दिया गया. किसी के हाथ में एके-47 थी तो किसी के हाथ में रिवॉल्वर-पिस्टल.

ये पीएसआई जंगल में बदमाश की तलाश में पूरी रात भटकती रहीं और आखिरकार उस तक पहुंचने में सफलता मिल ही गई. चारों ने बदमाश को इस तरह दबोचा कि वह उसे भागने या कुछ समझने का मौका ही नहीं मिल पाया. बदमाश को पकड़ने वाली संतोक ओडेदरा, अरुणा गामेति, नितमिका गोहिल, शकुंतला माल द्वारा इस ऑपरेशन को अंजाम दिए जाने पर एटीएस के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें भरोसा था तभी इतनी बड़ी जिम्मेदारी इन्हें दी गई थी. अधिकारियों का कहना है कि इन महिलाओं का कारनामा पूरे विभाग और गुजरात में लोग एक-दूसरे को सुना रहे हैं.