नई दिल्ली: स्वराज अभियान के प्रमुख योगेंद्र यादव पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर के बाहर रविवार को कथित तौर पर हमला किया गया. साथ ही, विश्वविद्यालय परिसर में शाम में जेएनयू छात्र संघ और एबीवीपी के सदस्यों के बीच झड़प हुई.

यादव ने कहा कि वहां गुंडागर्दी को रोकने के लिए कोई नहीं था और उन्हें मीडिया से बात नहीं करने दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी वहां खड़े थे लेकिन कुछ नहीं कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘‘यदि पुलिस डरी हुई है तो वह अपनी वर्दी उतार सकती है.’’


सूत्रों ने बताया कि जेएनयू छात्र संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के सदस्यों के बीच शाम में विश्वविद्यालय परिसर में झड़प हुई. विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ द्वारा आयोजित एक बैठक के दौरान यह घटना हुई. छात्र संघ ने दावा किया कि इसकी अध्यक्ष आइशी घोष और कई अन्य छात्र एबीवीपी सदस्यों के पथराव में घायल हो गये.

वहीं, आरएसएस से संबद्ध एबीवीपी ने आरोप लगाया कि उसके सदस्यों पर वाम दलों से जुड़े छात्र संगठनों के सदस्यों ने हमले किए और उनके (एबीवीपी के) 25 सदस्य घायल हो गये.

(इनपुट भाषा)