नई दिल्ली: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऑनलाइन शिखर सम्मलेन हुआ. शिखर सम्मलेन में कई समझौते हुए. इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन के बीच बेहद दोस्ताना बातचीत हुई. ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन (Scott Morrison) ने पीएम मोदी से कहा कि अगली बार वह ‘गुजराती खिचड़ी (Gujarati Khichri)बनाएंगे, और पीएम मोदी को खिलाएंगे. इस डिश को ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने ‘मोदीमोसास’ का भी नाम दिया. इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने इस बीच स्कॉट मॉरिसन के उस ट्वीट को याद किया, जिसमें उन्होंने समोसे का ज़िक्र किया था. इस पर पीएम मोदी ने कहा कि स्कोमोसास (ScoMosas) अब दुनिया का पॉपुलर शब्द हो गया है. बता दें कि ऑस्ट्रलियाई पीएम ने कुछ दिन पहले ही समोसे के साथ अपनी तस्वीर साझा की थी. समोसा भारत में बेहद मशहूर है.Also Read - Assam-Mizoram Border Dispute: पीएम नरेंद्र मोदी आज असम के सांसदों से करेंगे मुलाकात, शांति स्थापित करने का है प्रयास

इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री से कहा, ‘‘इस कठिन समय में आपने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय का, और ख़ास तौर पर भारतीय छात्रों का, जिस तरह ध्यान रखा है, उसके लिए मैं विशेष रूप से आभारी हूँ.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी सरकार ने इस संकट को एक अवसर की तरह देखने का निर्णय लिया है. भारत में लगभग सभी क्षेत्रों में व्यापक सुधार की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. बहुत जल्द ही जमीनी स्तर पर इसके परिणाम देखने को मिलेंगे. ’’ मोदी ने कहा कि उनका मानना है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को और सशक्त करने के लिए यह उपयुक्त समय, उपयुक्त मौक़ा है तथा अपनी दोस्ती को और मज़बूत बनाने के लिए हमारे पास असीम संभावनाएँ हैं. Also Read - PM Modi की आलोचना वाले पोस्टरों को बताया 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता', SC पहुंचा तो पड़ी फटकार

बता दें कि भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपने संबंधों को समग्र सामरिक गठजोड़ के स्तर पर उन्नत बनाने के लिए साजो-सामान (लॉजिस्टिक) सहयोग के उद्देश्य से एक दूसरे के सैन्य अड्डों तक आपसी पहुंच सुगम बनाने के महत्वपूर्ण करार सहित सात समझौते किए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मॉरिसन के ऑनलाइन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद ये समझौते हुए. Also Read - Tokyo Olympics 2020: रुपिंदर सिंह ने दागे दो गोल; भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने स्पेन को 3-0 से हराया

दोनों देशों के बीच हुए साझा लॉजिस्टिक सहयोग समझौते (एमएलएसए) के तहत सम्पूर्ण रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने के अलावा दोनों देशों की थलसेना को मरम्मत और आपूर्ति बहाली के लिये एक दूसरे के सैन्य अड्डों का उपयोग करने की बात कही गई है. भारत ने ऐसा ही समझौता अमेरिका, फ्रांस और सिंगापुर के साथ किया है. समग्र सामरिक गठजोड़ की तर्ज पर दोनों पक्षों ने विदेश और रक्षा सचिव से लेकर मंत्री स्तर पर ‘‘टू प्लस टू’’ वार्ता को समोन्नत किया.