Delhi: Austrian Embassy to remain closed for general public till 11th November in wake of terror attack in Vienna: वियना में हुई आतंकी गोलीबारी के मद्देनजर दिल्‍ली स्थित ऑस्‍ट्रि‍याई एम्‍बेसी (Austrian Embassy) को आम जनता के लिए 11 नवंबर तक बंद रहेगी. बता दें कि पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि राजधानी वियना के मध्य में हुए हमले में  5 लोगों की मौत हो गई है और 17 लोग जख्मी हुए हैं. घायलों में एक पुलिस अधिकारी भी शामिल है.Also Read - भारत, चीन पूर्वी लद्दाख में लंबित मुद्दों को तेजी से हल करने को सहमत: संयुक्त बयान

ऑस्ट्रिया के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि वियना में गोलीबारी के बाद चार लोगों की मौत हो गई है. पुलिस ने एक संदिग्ध को भी मार गिराया है. Also Read - 'मैं चाहता हूं कि मेरा दोस्त ठीक रहे': बेन स्टोक्स के ब्रेक पर जो रूट ने दिया ये बयान

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ऑस्ट्रिया के गृह मंत्री कार्ल नेहम्मेनर ने बताया कि शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि मारा गया संदिग्ध इस्लामिक स्टेट समूह से हमदर्दी रखता था. अधिकारी अब भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या और हमलावर भी हैं. वियना के लोगों से घर में ही रहने का अनुरोध किया गया है.

गृह मंत्री ने घटना को ऑस्ट्रिया के मूल्यों और लोकतांत्रिक समाज पर हमला बताया है. उन्होंने कहा, ”हमलावर आतंकी समूह आईएस से हमदर्दी रखता था. ” उन्होंने जांच जारी रहने का हवाला देकर और जानकारी देने से इनकार कर दिया.

ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में गोलीबारी की घटना में हमलावर सहित पांच लोगों की मौत हो गई और 17 अन्य लोग घायल हुए हैं. अधिकारियों ने बताया कि 20 वर्षीय हमलावर के पास ऑस्ट्रिया और उत्तरी मेसिडोनिया की दोहरी नागरिकता थी और वह पहले भी आतंकवाद से जुड़े एक मामले में दोषी पाया गया था.

ऑस्ट्रिया के चांसलर सेबस्टियन कुर्ज़ ने बताया कि सोमवार की शाम हुए हमले में घायल हुए दो पुरुष और दो महिलाओं की मौत हो गई। वहीं संदिग्ध हमलवार पुलिस की कार्रवाई में मारा गया.
ऑस्ट्रिया की समाचार समिति ‘एपीए’ की खबर के अनुसार, वियना के एक अस्पताल ने बताया कि सात लोगों की हालत गंभीर है। 17 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. कुर्ज़ ने कहा, ‘‘ कल ही स्पष्ट हो गया था कि यह एक इस्लामी आतंकवादी हमला था.’’

गृह मंत्री कार्ल नेहामर ने ‘एपीए’ को बताया कि इस्लामिक स्टेट संगठन में शामिल होने के लिए सीरिया जाने के जुर्म में हमलावर कुज़ती फेजुलाई को अप्रैल 2019 में 22 महीने की सजा हुई थी। हालांकि नाबालिग कानून के तहत उसे दिसम्बर में रिहा कर दिया गया था. उन्होंने बताया कि इस मामले में अभी तक 15 घरों की तलाशी ली गई है और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है.