मुंबई: विमानन क्षेत्र के एक विशेषज्ञ ने करीब नौ साल पहले 2011 में ही चेताया था कि कोडिकोड एयरपोर्ट के रनवे-10 पर बारिश में उतरते विमान की दिशा में बहती हवा की स्थिति में यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है. केरल का कोझिकोड एयरपोर्ट भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के अंतर्गत आता है. इस एयरपोर्ट पर टेबलटॉप हवाई पट्टी है. Also Read - केरल, पश्चिम बंगाल से अरेस्‍ट अलकायदा आतंकियों का ये था प्‍लान, पाक हैंडलर से मिल रहे थे आदेश

कैप्टन मोहन रंगनाथन ने जून 2011 में तत्कालीन नागर विमानन सचिव नसीम जैदी को पत्र लिखकर इस हवाई पट्टी को लेकर अपनी चिंता जताई थी. रंगनाथन उस समय नागर विमानन सुरक्षा सलाहकार समिति (सीएएसएसी) मे परिचालन समूह के सदस्य थे. Also Read - दिल्ली को दहलाने की साजिश नाकाम, NIA ने पश्चिम बंगाल और केरल से अल-कायदा के 9 आतंकियों को किया गिरफ्तार

एयर इंडिया एक्सप्रेस का एक विमान शुक्रवार को कोझिकोड हवाईअड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें दो पायलटों सहित 18 लोग मारे गए. इस हादसे के मद्देनजर रंगनाथन की यह चेतावनी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है. दुबई से आया बोइंग 737-800 विमान भारी बारिश में रनवे से फिसल गया और दो खंड हो गया. Also Read - राहुल गांधी ने केरल के बीजेपी नेता की मदद के लिए कुछ ऐसा, कांग्रेस में ही हड़कंप

पत्र में रंगनाथन ने कहा था, ”यदि खतरे के बावजूद पायलट बारिश और अनुकूल हवा की स्थिति में विमान उतारने को तैयार होते हैं, तो एप्रोच एंड लैंडिंग एक्सिडेंट रिडक्शन (एएलएआर) यानी विमान उतरते समय दुर्घटना रोकने को लेकर उनकी समझ काफी कमजोर है.”

मेंगलूर हवाईअड्डे पर 2010 में एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद रंगनाथन ने यह पत्र लिखा था. इस हादसे में 158 लोग मारे गए थे. रंगनाथन ने लिखा था, ”रनवे 10 पर बारिश में अनुकूल हवा की स्थिति में उतरने वाली उड़ानें यात्रियों की जान खतरे में डालने वाली हैं.” ऐसी परिस्थिति में उतरते समय विमान का कोण या दिशा प्रभावित हो सकती है.

केरल का कोझिकोड एयरपोर्ट भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के अंतर्गत आता है. इस एयरपोर्ट पर टेबलटॉप हवाई पट्टी है. रंगनाथन के पत्र पर उस समय क्या कार्रवाई हुई थी, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है.

बता दें कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की बी737 द्वारा दुबई से संचालित उड़ान संख्या आईएक्स 1344 कोझिकोड में शुक्रवार शाम सात बजकर 41 मिनट पर हवाईपट्टी से फिसल गई थी. इस विमान हादसे में प्‍लेन दो टुकड़ों में बंट गया था. विमान में 10 नवजात शिशुओं समेत 184 यात्री, दो पायलट और चालक दल के चार सदस्य सवार थे. इस हादसे में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है. विमान के दोनों पायलटों की भी मौत हो चुकी है.