Air India के पास नहीं था ये सर्टिफिकेट, DGCA ने लगा दिया 1 करोड़ रुपये का जुर्माना
एअर इंडिया भारत के टाटा ग्रुप और सिंगापुर एयरलाइंस के स्वामित्व वाला वेंचर है. कंपनी ने बताया था कि उनके एक एयरबस A320 नियो एयरक्राफ्ट का एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका था. फिर भी उसे 24 और 25 नवंबर को 8 रेवेन्यू सेक्टर्स (व्यावसायिक उड़ानों) में इस्तेमाल किया गया.
एअर इंडिया भारत के टाटा ग्रुप और सिंगापुर एयरलाइंस के स्वामित्व वाला वेंचर है.
टाटा ग्रुप की एअर इंडिया को बड़ा झटका लगा है. नियमों की अनदेखी करने पर एविएशन रेगुलेटर DGCA ने शुक्रवार को एअर इंडिया पर 1,10,350 अमेरिकी डॉलर (भारतीय रुपये में करीब 1 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है. एअर इंडिया पर ये जुर्माना एक एयरबस को एयरवर्थनेस परमिट के बिना 8 बार उड़ाने के लिए लगाया गया है. DGCA ने एयरलाइन को जुर्माना भरने के लिए 30 दिनों की मोहलत दी है.
मामला 24 से 25 नवंबर के बीच का है. DGCA के रिकॉर्ड के मुताबिक, एअर इंडिया के एयरबस A320 एयक्राफ्ट ने दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद के बीच यात्रियों को उड़ाया. लेकिन, उसके पास उड़ान के लिए जरूरी सर्टिफिकेट एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) नहीं था. एअर इंडिया को पिछले साल जून में अपने सबसे बड़े हादसे का सामना करना पड़ा था. एक बोइंग ड्रीमलाइनर उड़ान भरने के तुरंत बाद हादसे का शिकार हो गई थी. इसमें 260 लोगों की मौत हो गई थी. एअर इंडिया की ओर से एयरबस घटना की जांच में पायलटों को भी दोषी ठहराया गया था.
एअर इंडिया भारत के टाटा ग्रुप और सिंगापुर एयरलाइंस के स्वामित्व वाला वेंचर है. कंपनी ने बताया था कि उनके एक एयरबस A320 नियो एयरक्राफ्ट का एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका था. फिर भी उसे 24 और 25 नवंबर को 8 रेवेन्यू सेक्टर्स (व्यावसायिक उड़ानों) में इस्तेमाल किया गया. इसके बाद 2 दिसंबर को DGCA ने मामले की जांच की. DGCA ने कहा, "इस चूक से देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन पर जनता का भरोसा और कम हुआ है."
एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट क्या है?
किसी भी प्लेन को उड़ाने के लिए ARC यानी एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट जरूरी होता है. ये सर्टिफिकेट हर साल रिन्यू कराना होता है. इसे जारी करने से पहले प्लेन के मेंटेनेंस रिकॉर्ड, फिजिकल कंडीशन और सेफ्टी स्टैंडर्ड की बारीकी से जांच की जाती है. ये सर्टिफिकेट इस बात का सबूत होता है कि एयरक्राफ्ट पैसेंजर्स को ले जाने के लिए पूरी तरह सेफ है.
भारत की वो मशहूर हस्तियां जिन्होंने प्लेन क्रैश में गंवाई जान, मंजर याद कर आज भी कांप उठते हैं लोग
एअर इंडिया ने क्या कहा?
एअर इंडिया ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है. एयरलाइन ने कहा, "हमें DGCA का आदेश मिल गया है. यह मामला उस घटना से जुड़ा है, जिसकी जानकारी हमने खुद 2025 में अथॉरिटी को दी थी. हमने अपनी जांच में जो भी कमियां पाई थीं, उन्हें पूरी तरह ठीक कर लिया गया है. इसकी रिपोर्ट रेगुलेटर को दी गई है."
टाटा ग्रुप ने 2022 में एअर इंडिया को खरीदा
टाटा ग्रुप ने एअर इंडिया को 27 जनवरी 2022 को खरीदा था. 18,000 करोड़ रुपये में ये डील हुई थी. इसके बाद टाटा के हाथ में एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की कमान आ गई. एअर इंडिया को बेचने का फैसला सबसे पहले 2000 में किया गया था. उस साल 27 मई को सरकार ने इसमें 40% हिस्सा बेचने का फैसला किया था. 2000 में ही अटल बिहारी वाजपेयी की अगुआई वाली NDA सरकार ने मुंबई के सेंटॉर होटल सहित कई कंपनियों का विनिवेश किया था. तब अरुण शौरी विनिवेश मंत्री थे.
सरकार ने तब उसमें 10% हिस्सा कर्मचारियों और 10% शेयर घरेलू वित्तीय संस्थानों को देने का फैसला किया था. इसके बाद हिस्सेदारी एअर इंडिया में सरकार की घटकर 40% रह जाती. पिछले 25 साल से एअर इंडिया को बेचने की कई बार कोशिश हुई, लेकिन हर बार किसी न किसी कारण से मामला अटक गया.
IndiGo Crisis के बाद सरकार की बड़ी मंजूरी, दो नई एयरलाइंस को हरी झंडी
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें