केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री महेश शर्मा ने सोमवार को कहा कि वह प्रस्तावित रामायण संग्रहालय के निर्माण स्थल का मुआयना करने के लिए मंगलवार को अयोध्या जाएंगे।

शर्मा से यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में होने वाले चुनाव से इस निर्माण का कोई लेना देना नहीं है। शर्मा ने एक निजि चैनल को बताया कि “अयोध्या के मेरे दौरे का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। मैं वहां का दौरा पर्यटन मंत्री के रूप में करने जा रहा हूं।

इसे राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। यह अयोध्या और पूरे देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयास का हिस्सा है। यह दौरा सरकार के विकास के एजेंडे का हिस्सा है।” यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश चुनाव: किसान यात्रा के दौरान राम जन्मभूमि पहुंचे राहुल गांधी, मिला PM बनने का आशीर्वाद

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केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री महेश शर्मा, फोटो क्रेडिट- ibnlive.com

उम्मीद की जा रही है कि शर्मा विवादित मंदिर के स्थल पर भी जाएंगे। उन्होंने कहा कि संग्रहालय रामायण सर्किट का हिस्सा होगा जिसके लिए केंद्र सरकार ने 225 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इनमें 151 करोड़ रुपये विशेष तौर पर केवल अयोध्या के लिए है जो इस सर्किट का केंद्र है।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि राम करोड़ों लोगों के दिल में हैं। पर्यटन मंत्री के रूप में मुझे देखना है कि अयोध्या का विकास किस तरह से किया जा सकता है और पर्यटन के नजरिए किस तरह से विकसित किया जा सकता है।

अपनी इस यात्रा के दौरान श्र्मा संभवत: रामायण सर्किट के सलाहकार बोर्ड के साथ रामायण से जुड़े नेपाल और श्रीलंका के स्थलों को प्रस्तावित संग्रहालय से जोड़ने के मार्गो पर विचार विमर्श करने के लिए बैठक भी करेंगे।

इस बीच भाजपा नेता और राज्यसभा के सदस्य विनय कटियार ने केंद्र सरकार से अयोध्या में रामजन्म भूमि पर राममंदिर निर्माण के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि यह सरकार पर निर्भर है कि वह बातचीत के माध्यम से या अदालत से या लोकसभा के जरिए इसके लिए रास्ता तलाश करे।