हैदराबाद: अयोध्या मसले में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर हमला बोलते हुए एमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को कहा कि शीर्ष अदालत भावनाओं के आधार पर फैसला नहीं ले सकती. बता दें कि कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद की सुनवाई जनवरी 2019 तक के लिए टाल दी थी. इसके बाद लगातार ये मुद्दा सुर्ख़ियों में बना हुआ है. Also Read - तमिलनाडु सरकार ने कहा- मेडिकल, डेंटल सीटों पर अखिल भारतीय कोटा में ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए उठा रहे हैं कदम

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ओवैसी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के महासचिव भैयाजी जोशी की टिप्पणियों का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने उच्चतम न्यायालय से आग्रह किया था कि अयोध्या मुद्दे पर ‘हिंदू समुदाय की भावनाओं’ पर भी विचार करना चाहिए. ओवैसी ने कहा कि ‘हिंदू भावना’ के आधार पर उच्चतम न्यायालय फैसला नहीं कर सकता है.’ ओवैसी ने ट्वीट कर कहा कि वह (जोशी) अब भी भारत के संविधान को नकार रहे हैं. आस्था, भावना इत्यादि कुछ भी प्रासंगिक नहीं है और केवल इंसाफ प्रासंगिक है.’ Also Read - तमिलनाडु सरकार मेडिकल प्रवेश में ओबीसी आरक्षण पर जल्द फैसले को लेकर पहुंची सुप्रीम कोर्ट  

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दूसरी ओर संघ ने शुक्रवार को कहा कि शीर्ष अदालत के यह कहने से कि अयोध्या मसला उनकी प्राथमिकता में नहीं है, हिंदू ‘अपमानित’ महसूस कर रहे हैं और जोर देकर कहा कि किसी विकल्प के नहीं बचने पर अध्यादेश की जरूरत पड़ेगी.’ महाराष्ट्र के उत्तन में संघ के तीन दिवसीय सम्मेलन के बाद महासचिव भैयाजी जोशी ने कहा किे अगर जरूरत पड़ी तो संगठन आंदोलन शुरू करने में नहीं हिचकेगा, लेकिन चूंकि मामला शीर्ष अदालत में है तो इसकी कुछ सीमाएं हैं.’