राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दर्ज हुई पहली FIR, 8 लोग नामजद आरोपी, जल्द होगी गिरफ्तारी
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी में सवाल उठ रहे हैं कि दानपेटियों में आने वाले चढ़ावे की चोरी को रोकने की जिम्मेदारी किसकी थी? इसमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और परिसर व्यवस्थापक गोपाल राव के नाम सबसे ज्यादा लिए जा रहे हैं.
अयोध्या में राम मंदिर के लिए 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन हुआ था. 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी. (PTI)
- राम मंदिर चढ़ावे से हुई चोरी 200 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का अनुमान.
- रामलला की पादुका, सोने की प्रतिमा और हीरों का हार भी गायब.
- अब तक तमाम सेवादारों से SIT ने की 20 करोड़ रुपये की रिकवरी.
- 23 जून को SIT ने यूपी सरकार को सौंपी थी प्राइमरी रिपोर्ट.
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट के आधार पर गुरुवार (25 जून 2026) को FIR दर्ज कर ली गई है. श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की लिखित शिकायत के बाद पहली FIR दर्ज हुई है. न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जांच रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना है. लेकिन, आज दर्ज हुई FIR में 8 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है. बाकी अज्ञात आरोपी हैं. इन सभी पर चोरी और धोखाधड़ी के आरोप हैं. इनमें से 3 आरोपी अरेस्ट भी किए जा चुके हैं.
ANI की जानकारी के मुताबिक, यूपी सरकार के निर्देश पर रामजन्मभूमि कोतवाली में ये FIR दर्ज हुई है. 8 आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) की धाराओं में मामला दर्ज हुआ है. जांच के दौरान SIT टीम को डोनेशन बॉक्स की चाबियां रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास मिलीं. SIT ने ऐसे करीब 150 सेवादारों और कर्मचारियों को चिह्नित किया है, जिनकी आर्थिक स्थिति में 22 जनवरी, 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बदलाव आया.
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किन-किनके खिलाफ दर्ज हुई FIR?
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में दर्ज हुई FIR में रमाशंकर यादव (टिन्नू यादव), लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष और करुणेश के नाम हैं. इनके खिलाफ गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराएं लगाई गई हैं. इनमें टिन्नू, लवकुश और अनुकल्प की गिरफ्तारी हो चुकी है. बाकियों की गिरफ्तारी के लिए 4 टीमें बनाई गई हैं.
चंपत राय समेत बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं
हैरानी वाली बात ये है कि इस FIR में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय समेत बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं. वहीं, गुरुवार को ही खबर आई थी कि चंपत राय ने श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने इन खबरों को खारिज कर दिया है.
13 जून को बनाई गई थी SIT
राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए सरकार ने 13 जून को SIT बनाई थी. इसमें लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत (IAS), IG लखनऊ रेंज किरण शिवकुमार और यूपी फाइनेंस एंड अकाउंट्स सर्विस के विशेष सचिव (वित्त) नीलरतन कुमार शामिल हैं. SIT ने 23 जून को अपनी जांच रिपोर्ट एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय प्रसाद को सौंपी थी.
अब तक 2 करोड़ की रिकवरी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 5 आरोपियों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपये की रिकवरी हो चुकी है. ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के करीबी टिन्नू के घर से सोना मिला था, शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, राम मंदिर चढ़ावे से हुई चोरी 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की हो सकती है.
29 जून को हाईकोर्ट लखनऊ बेंच में सुनवाई
वहीं, राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में बुधवार (24 जून) को भी हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई नहीं हो सकी. अब इस मामले में दाखिल जनहित याचिका पर अब 29 जून को सुनवाई संभावित है. याचिका में मामले की जांच CBI से कराने और चढ़ावे का ऑडिट CAG से कराने की मांग की गई है.
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