नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया. कोर्ट के इस फैसले के बाद सभी राजनीतिक दलों के लोग अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे है. इसी मामले कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि हम कोर्ट के फैसले के साथ हैं और यह पूरे भारत की जीत है. मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम ने इससे जुड़े सवाल की उठाए उन्होंने पूछा कि क्या सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद को तोड़ा जाना कानूनी रूप से गलत माना है तो क्या मस्जिद तोड़ने वाले दोषियों को सजा मिलेगी.

राज्यसभा सांसद ने अपने ट्वीट में लिखा कि राम मंदिर विवाद में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है और कांग्रेस पार्टी इसका स्वागत करती है. उन्होंने लिखा कि कांग्रेस हमेशा इसी बात कि पक्षधर थी कि इस पूरे मुद्दे को कानून के नियमों के हिसाब से ही हल किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि दुनिया में बड़ी से बड़ी समस्या को बातों से हल किया जा सकता है और कांग्रेस की यही नियत और सोच रही है.

दिग्विजय सिंह ने बाबरी मस्जिद पर सवाल पूछते हुए कहा कि इस मसले को 27 साल हो गए है और अब तो खुद सुप्रीम कोर्ट ने भी इस बात को माना है कि मस्जिद को तोड़ना एक आपराधिक कृत्य था, तो क्या अब इसके लिए जिम्मेदार दोषियों को सजा मिल पाएगी. सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जताते हुए उन्होंने भाजपा और संघ पर भी कई सवाल खड़े किए.

अयोध्या विवाद पर इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं थाः सुप्रीम कोर्ट

आपको बता दें कि कल शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में राम जन्म भूमि विवाद में अपना निर्णय दिया था और कहा था कि इस विवाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला टिकाऊ नहीं था. अपने फैसले में कोर्ट ने सरकार को तीन महीने के अंदर ट्रस्ट बनाकर मंदिर की प्रारूप रेखा तैयार करने के लिए कहा है और मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में किसी दूसरे स्थान पर पांच एकड़ जमीन देने के भी आदेश दिए थे.