Ayodhya Verdict: सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भारतीय उद्योग जगत ने किया स्वागत

अयोध्या भूमि विवाद मामले में उच्चतम न्यायालय के शनिवार के निर्णय का भारतीय उद्योग जगत ने एक 'पुराने कानूनी विवाद का समाधान' और न्यायपालिका का 'साहसिक निर्णय' बताते हुए इसका स्वागत किया है.

Updated: November 9, 2019, 9:38 PM IST

नयी दिल्ली: अयोध्या भूमि विवाद मामले में उच्चतम न्यायालय के शनिवार के निर्णय का भारतीय उद्योग जगत ने एक ‘पुराने कानूनी विवाद का समाधान’ और न्यायपालिका का ‘साहसिक निर्णय’ बताते हुए इसका स्वागत किया है. उद्योग वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे दशकों के कानूनी विवाद का हल बताया तो उद्योगपित तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह के प्रमुख आनंद महिंद्रा ने इसे न्यायालय का ‘अभूतपूर्व साहस’ बताया.

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उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने शनिवार को अयोध्या भूमि विवाद का फैसला सुनाया जिससे धार्मिक नगर अयोध्या में कानूनी विवाद के केंद्र में रहे 2.77 एकड़ के स्थल पर राम मंदिर बनना मार्ग खुल गया है. महिंद्रा ने ट्वीट कर कहा कि वह पीठ के पांचों न्यायाधीशों के ‘अभूतपूर्व साहस’ को सराहते हैं. उन्होंने लिखा कि पांच न्यायाधीश, एक निर्णय जिसका इंतजार 130 करोड़ लोगों को था. इस निर्णय पर पहुंचने के लिए पीठ को कितने असाधारण साहस और मस्तिष्क के अद्भुत प्रयोग की आवश्यकता पड़ी होगी. मैं उनकी कर्तव्यपरायणता और अपने देश में न्याय को लागू करने के लिए उनको सलाम करता हूं.

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लोगों को स्वीकार करना चाहिए न्यायालय का फैसला

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह उच्चतम न्यायालय का एकमत से लिया गया स्वागत योग्य निर्णय है. इस निर्णय ने दशकों पुराने कानूनी वाद का अंत कर दिया है. उन्होंने अपील भी की कि लोगों को न्यायालय का फैसला स्वीकार करना चाहिए और शांति बनाए रखनी चाहिए. न्यायालय का यह ऐतिहासिक निर्णय हमारी संस्कृति, परंपरा और एकता को मजबूत करेगा. उन्होंने कहा कि मैं न्यायापालिका के साथ उन सभी संगठनों, लोगों का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने इस मसले को सुलझाने में मदद की.

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शांति बनाए रखने की अपील

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट किया कि हमें अयोध्या के मुद्दे पर न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना चाहिए और शांति बनाए रखनी चाहिए. वित्त राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने भी न्यायालय के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि राम मर्यादा, धर्म और धैर्य का प्रतीक हैं. उच्चतम न्यायालय का फैसला हर किसी के हित को ध्यान में रखकर लिया गया है और यह तार्किक है. वह इस निर्णय का हृदय से स्वागत करते हैं. उन्होंने कहा कि यह एक नए भारत की शुरूआत है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार सबको साथ लेकर चलने और वसुधैव कुटुंबकम की भावना से काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.

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सभी को शांति और सौहार्द बनाए रखना चाहिए

इफ्को के प्रबंध निदेशक यू. एस. अवस्थी ने ट्वीट किया कि उच्चतम न्यायालय के पांच न्यायाधीशों की पीठ द्वारा विवादित स्थल राम मंदिर निर्माण के लिए हिंदुओं को देने और मुस्लिमों को पांच एकड़ की दूसरी भूमि देने के निर्णय का स्वागत करते हैं. यह पूरे मुद्दे का अच्छा शांतिपूर्ण हल है. हमें शांति और सौहार्द बनाए रखना चाहिए. उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने भी उच्चतम न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया है. इसके लिए चैंबर के अध्यक्ष डी. के. अग्रवाल ने देश के हर नागरिक को बधाई दी है. जेएसडब्ल्यू स्टील के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सज्जन जिंदल ने कहा है कि अंतत: दशकों पुराने विवाद का समाधान हो गया. इस फैसले पर एकमत होने के लिए उच्चतम न्यायालय की पीठ की निश्चित तौर पर तारीफ की जानी चाहिए. (इनपुट एजेंसी)

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